28. इंसानियत के अधिकार के लिए अत्याचार के खिलाफ विद्रोह करें - मई 1929 चित्तेगाव (नासिक) - Page 181

164 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

एवं अत्याचार नहीं किए जाते। हिंदू समाज द्वारा बेवजह हमारा दर्जा हीन बताया गया है। हीनता का यह कलंक धो डालने के लिए मुझे स्वाभिमान जगाने का यह मार्ग ठीक लगता है। इसीलिए मेरे बंधुओं, स्वाभिमान को जिंदा रखना। अपने पर हो रहे अन्यायपूर्ण अत्याचारों के खिलाफ विद्रोह कीजिए। इसके बगैर हमें इंसानियत के सच्चे अधिकार प्राप्त नहीं होंगे।