31. मजदूरों की कोई जाति नहीं होती कहने वाले स्पृश्य नेता इसका जवाब दें - अक्तूबर 1929 परेल (मुंबई) - Page 189

172 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अस्पृश्य वर्ग से सहयोग की जो लोग उम्मीद रखते हैं उन्हें चाहिए कि वे अस्पृश्यों के साथ न्याय करें। जहां भी, जो भी लोग मेरे अस्पृश्य वर्ग के साथ न्याय कर गुलामी से उन्हें मुक्ति दिलाने और प्राप्त स्थिति से उन्हें ऊपर उठाने की जी-जान से कोशिश करते हों, उन्हें सहयोग देने से मैं कभी पीछे नहीं हटूंगा। लेकिन हर आंदोलन का सूत्र अस्पृश्यों को न्याय दिलाना और उनके साथ समानता का व्यवहार ही होना चाहिए, तभी वह न्यायपूर्ण और सही साबित होगा। स्वार्थी ‘स्पृश्यों’ के फायदों के आंदोलन से मुझे कुछ लेना-देना नहीं। एक बार फिर आप सब लोगों से पर्वती के सत्याग्रह की मदद करने की प्रार्थना करता हूं। इस तरह 9 बजे सभा का कामकाज संपन्न हुआ।