33. अखंड भारत हमारा ध्येय है - अगस्त 1930 नागपुर - Page 205

188 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

  1. जिन अस्पृश्य वर्गों को सामाजिक विषमता की अत्यंत निकृष्ट स्थितियों में

जीवन बिताना पड़ रहा है, उनकी तुलना में अन्य अल्पसंख्य वर्ग कहीं अधिक

बेहतर सुखद स्थिति में है। इसके बावजूद साइमन कमिशन द्वारा अस्पृश्य वर्ग

को वाजवी प्रतिनिधित्व मिलने की मांग को कमतर आंक कर उनके हकों को

नजरंदाज किया गया और अन्य अल्पसंख्यक वर्गों को विशेष प्रतिनिधित्व बहाल

किया गया। परिषद इस बाबत भी खेद व्यक्त करती है। यह परिषद ठोस

रूप से चाहती है कि सभी अल्पसंख्यकों के लिए समानता का सिद्धांत समान

स्तर पर लागू किया जाए। परिषद की मांग है कि अस्पृश्य वर्ग को उनका

सामाजिक पिछड़ापन ध्यान में लेकर उनकी जनसंख्या के अनुपात में मिलने

वाले प्रतिनिधित्व के अलावा अधिक जगहें दी जाएं।

  1. असेंब्ली और स्टेट कौंसिल में अश्पृश्य वर्ग के प्रतिनिधि उसी वर्ग के लोगों

द्वारा चुने जाएं इसके लिए इस अधिवेशन द्वारा परिषद अप्रत्यक्ष चुनावों की मांग

करती है लेकिन उसमें अस्पृश्य वर्ग का यथायोग्य प्रतिनिधित्व का हक मान

लिया जाए यह मांग रखती है।

  1. साइमन कमीशन द्वारा कौंसिल ऑफ स्टेट में अस्पृश्य वर्ग के प्रतिनिधित्व की

कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस बारे में यह परिषद खेद जताती है और

मांग करती है, कि कौंसिल ऑफ स्टेट में अस्पृश्य वर्ग का सुयोग्य प्रतिनिधित्व

की बात मान ली जाए।

  1. असेंब्ली की पुनर्रचना करते समय साइमन कमिशन ने जो खाका तैयार किया है

उसकी उपयुक्तता ध्यान में रखते हुए इस परिषद की ये राय है कि वह खाका

असेंब्ली से अधिक स्टेट कौंसिल के लिए अधिक उपयुक्त है। इस बात को

ध्यान में रखते हुए और कौंसिल ऑफ स्टेट जनतंत्र के अधिक अनुकूल बनाने

के लिए उसमें जरूरी संविधानात्मक बदलाव की जरूरत को ध्यान में रखते हुए

इस परिषद की ये राय है कि एसेंब्ली के लिए साइमन कमीशन ने जो खाका

तैयार किया है वह स्टेट कौंसिल के लिए लागू किया जाए और एसेंब्ली का

गठन प्रत्यक्ष चुनावों द्वारा किया जाए।

  1. साइमन कमिशन ने हिंदुस्तान की सेना के बारे में जो योजना सुझायी है, वह इस

परिषद को मंजूर नहीं। इस परिषद की राय में सेना भले आरक्षित विभाग हो, उसे

हिंदुस्तान की सरकार के जिम्मेदारीपूर्ण अधिकार से हटाया नहीं जाना चाहिए।

  1. इस परिषद को यकीन हो चला है कि हिंदुस्तान के अस्पृश्य वर्ग का एक केंद्रीय

अखिल भारतीय संगठन होना जरूरी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए यह

परिषद कमेटी नियुक्त करती है और-