1. जन्म आधारित श्रेष्ठता और पवित्रता के कारण गुणहीन ब्राह्मणों का भी कल्याण हुआ है - 21 और 22 मार्च 1920 माणगांव - Page 21

4 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

शाहू महाराज के भाषण के पश्चात् सभा में निम्न प्रस्ताव आम राय से पारित हुए-

  1. विश्वयुद्ध में अंग्रेज सरकार और मित्र राष्ट्रों की विजय पर यह परिषद

प्रसन्नता प्रगट करती है।

  1. श्रीमन महाराज शाहू छत्रपति सरकार इलाका करवीर ने अपने राज्य में

बहिष्कृतों को समान अधिकार देकर उनका कल्याण करने का सत्कार्य

शुरू किया है इसलिए परिषद् की यह राय है कि हर बहिष्कृत व्यक्ति

उनके जन्म-दिन को त्यौहार की तरह मनाए।

  1. यह परिषद् उन सभी राजा, महाराजा और संस्थान प्रमुखों का हृदय से

आभार मानती है जो बहिष्कृतों की प्रगति के लिए प्रयत्न कर रहे हैं।

  1. हर व्यक्ति की प्रगति के लिए अनुकूल सामाजिक परिस्थिति का होना

अत्यंत आवश्यक है। भारत की जन्म पर आधारित अयोग्यता और जन्म पर

आधारित अपवित्रता के कारण भारत की सामाजिक परिस्थिति बहिष्कृत वर्ग

की उन्नति के लिए प्रतिकूल है। इतना ही नहीं तो इसके कारण यह वर्ग

सामान्य मानव अधिकारों से वंचित है। बहिष्कृत वर्ग भी हिंदी साम्राज्य का

अंग है और उसे भी अन्य हिंदी लोगों की तरह निम्न मानव अधिकार प्राप्त

हैं -

(अ) सार्वजनिक मार्ग, कुएं, तालाब, स्कूल, धर्मशाला, लाइसेंसप्राप्त

मनोरंजन स्थल, भोजनालय, वाहन आदि सार्वजनिक सुविधाओं का

उपभोग करने का उन्हें अधिकार है।

(ब) गुणों पर आधारित योग्यता के आधार पर उन्हें व्यापार करने और

नौकरी हासिल करने का अधिकार है। परिषद की राय में जब

उपरोक्त अधिकारों के अमल में कोई बाधा आए तो उसे दूर करने

में सरकार और कानून को मदद करनी चाहिए।

  1. प्राथमिक शिक्षा में लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव न किया जाए।

जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी इसे अनिवार्य और निःशुल्क बनाया

जाना चाहिए।

  1. बहिष्कृत वर्ग में शिक्षा का प्रसार होना बहुत जरूरी है। इसके बगैर उनकी

उन्नति नहीं होगी।

परिषद् की राय है कि, उनमें शिक्षा का प्रसार करने के लिए स्कूल के मास्टर