211
से अंग्रेज सरकार लोगों की रक्षा करे, यह उम्मीद कोई कैसे लगा सकता है? एक बात हमें ध्यान में रखनी ही होगी कि प्रो. डायसी के बताए अनुसार किसी भी सरकार पर फिर वह कितनी भी शक्तिशाली ही क्यों न हो दो बातों की सीमा होती है। पहली सीमा आंतरिक होती है। और वह राज्यकŸार्ओं के स्वभाव, उद्देश्य और हितसंबंधों पर निर्भर होती है। और अंग्रेज सरकार अगर भारतीय समाज में प्रचलित शक्तियों को बढा़वा नहीं देती है, तो यह उनके उद्देश्यों और हितसंबंधों के खिलाफ है, इसलिए, शिक्षा के बारे में वे उदासीन हैं और स्वदेशी के खिलाफ हैं, तो इसलिए नहीं कि वे उसका समर्थन नहीं कर सकते बल्कि इसलिए कि ऐसा करना उनके उद्देश्यों के दायरे में फिट नहीं बैठता। राज्यकŸार्ओं पर दूसरी जिस बात की पाबंदी होती है वह है - बाहर से विरोध होने का उसे लगने वाला डर। भारतीय समाज के जीवन-मूल्य नष्ट करने वाले सामाजिक दोषों की गंभीरता क्या अंग्रेज राज्यकŸार् नहीं जानते? भारत के जमींदार जनता को निचोड़ कर शुष्क बनाते जा रहे हैं, क्या सरकार यह बात नहीं जानती? भारत के पूंजीपति, मजदूर वर्ग को जीवन-निर्वाह के लिए जरूरी मजदूरी और सहूलियतें नहीं देते, क्या सरकार यह भी नहीं जानती? सरकार को इन सभी बातों का पता है। लेकिन आज तक सरकार ने उन्हें छूने तक का साहस नहीं किया है, क्यों? उन्हें नष्ट करने का अधिकार उसके पास नहीं था, क्या इसलिए? बिल्कुल नहीं, उसने अगर भारत का सामाजिक यथार्थ और आर्थिक जीवन यदि नष्ट किया, या उसे सुधारने की कोशिश की तो, उसे विरोध का सामना करना होगा, यह डर उसे था। ऐसी सरकार किस के और कैसे काम आने वाली है? इस प्रकार मुख्य दो मामलों में लंगड़ी सरकार के आधिपत्य में जाहिर है कि जीवन जैसा था वैसा ही रहेगा। देश के हित के लिए अपनी अविभक्त निष्ठा ढो सकने वाले अधिकारी सरकार प्रशासन में हों ऐसी सरकार हम चाहते हैं। जिनमें शामिल व्यक्तियों को आज्ञापालन की सीमा कहां खत्म होती है और कहां से प्रतिकार शुरू होता है, इसका अहसास होते हुए भी जो अत्यंत आवश्यक होने वाले न्याय, आर्थिक और सामाजिक सुधार लागू करने से हिचकिचाएंगे नहीं। इस भूमिका को अंग्रेज सरकार कभी भी निभा नहीं सकती। लोगों की, लोगों द्वारा और लोगों के लिए चलाई जाने वाली सरकार, यानी दूसरे शब्दों में बताना हो तो स्वकीयों की सरकार के लिए ही यह संभव हो सकता है।
- आपके सीमित उद्देश्य के लिए ही सही इस प्रश्न के बारे में गौर से सोचिए। अंग्रेजों के आने से पहले अस्पृश्यता के कारण आपकी हालत बेहद दयनीय थी। आपकी अस्पृश्यता को मिटाने के लिए अंग्रेज सरकार ने क्या किया है? अंग्रेजों के आने से पहले आप लोग गांव के कुएं से पानी नहीं भर सकते थे। आपको अपना वाजिब अधिकार दिलाने के लिए क्या अंग्रेज सरकार ने कोई कोशिश की है? अंग्रेजों के आने से पहले आप मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते थे। क्या अब आप मंदिर में