6 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
उनकी व्यवस्था की जाए। मौजूदा वतनी जमीन जिन महार परिवारों को दी जाएगी उन पर यह शर्त लगाई जानी चाहिए कि वे अपने बेटे-बेटियों को साक्षर बनाएं और अपनी योग्यता के अनुसार जीवनयापन करें।
- इस सभा का यह मानना है कि मरे हुए जानवर का मांस किसी भी जाति
के व्यक्ति द्वारा खाया जाना कानूनन अपराध माना जाए।
11 इस सम्मेलन की यह मांग है कि पटवारी के पदों पर बहिष्कृत वर्ग की
नियुक्तियां की जाएं।
- इस सम्मेलन का आग्रहपूर्वक यह कहना है कि बहिष्कृत वर्ग की प्रगति
के लिए संघर्ष करने वाली गैर बहिष्कृत संस्थाओं की यह परिषद आभारी
है फिर भी सरकार को यह नहीं मानना चाहिए कि इन संस्थाओं द्वारा
बहिष्कृत वर्ग के राजनीतिक या सामाजिक हितों की रक्षा के लिए जो
उपाय सुझाए जाते हैं वे बहिष्कृता वर्ग को पूरी तरह स्वीकार्य हैं।
- परिषद अधिकारपूर्वक मांग करती है कि भावी कानून काउंसिल में स्वतंत्र
चुनाव क्षेत्रों से बहिष्कृतों के प्रतिनिधियों को उनकी जनसंख्या और जरूरत
के अनुसार चुना जाए।
- इस परिषद के आयोजन के लिए जिन्होंने मेहनत की उनके और खास
कर आप्पा दादा गौडा पाटील के प्रति यह परिषद कृतज्ञता प्रगट करती
है।
- यह परिषद उपरोक्त सभी प्रस्ताव अध्यक्ष को यह अधिकार देती है कि वे
इन प्रस्तावों को संबंधित अधिकारियों और लोगों के पास भेजें। ख्1,
- मूकनायकः 10 अप्रैल, 1920