34. देश के स्वराज का मैं समर्थन करता हूं - अक्तूबर 1930 मुंबई - Page 240

223

हमें अनुभव हुआ है कि किसी बात का निडरता से और निरपेक्ष बुद्धि से समर्थन करने का मानसिक धैर्य आपके पास है। इसलिए, आप जिस काम के लिए जा रहे हैं, उसमें आपके इन प्रशंसनीय गुणों को सुयोग्य निर्देशन मिलेगा और एक सच्चे देशभक्त और सत्यनिष्ठ होने की आपकी कीर्ति में और इजाफा होगा, इसका हम सबको पूरा भरोसा है। लोभ और लाभ के वशीभूत होकर स्वदेश के वास्तविक चिरस्थायी कल्याण की बातों से आप उदासीन नहीं होंगे या उन पर अमल करने से आप बिल्कुल नहीं चूकेंगे इसका हमें पूर्ण विश्वास है। हमारी संस्कृति अत्युच्च दर्जे की होने के कारण आपसे इस तरह का कार्य नहीं होगा, इसका हमें पूरा भरोसा है। अपने देश की सही-सही पैरवी करने का मौका आपको प्राप्त हो रहा है हमें पूरी उम्मीद है कि इस मौके का सही-सही फायदा उठाने में आप बिल्कुल कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

सुजन महाशय, हमारे देश के एक बडे़ जनवर्ग के प्रति पिछली कई सदियों से धार्मिक और सामाजिक तौर पर घनघोर अन्याय होता रहा है। इन अन्यायों के कारण उस वर्ग की स्थिति बड़ी दीन-हीन हो गई है। इस स्थिति से वह जब तक नहीं उबरता तब तक हमारे देश की सही मायने में उन्नति होना असंभव है। इन बातों के बारे में इधर कई बडे़ हृदयवान लोगों को खेद महसूस हो रहा है। इस जनवर्ग के उद्धार के लिए वे कोशिशें भी कर रहे हैं। लेकिन जब से आपने उसे अपने हाथ में लिया है, तब से उसे खास महत्व और विशेष परिणामकारक स्वरूप प्राप्त हुआ है। और कुछ सालों तक अगर हम अपनी कोशिशें जारी रखें तो इस मामले में काफी असर दिखाई देगा, सफलता मिलेगी। आपके जैसा सच्ची लगन वाला और समर्थ तारनहार इस समाज को पहले कभी नहीं मिला था। आप जो कोशिशें कर रहे हैं उनके कारण इस वर्ग के लिए आप देवता समान बन गए हैं। आप पर उनकी प्रगाढ़ श्रद्धा है। आपके प्रति उनके मन में भक्तिभाव है। आप उनके इन भावों के लिए सर्वथा सुयोग्य हैं। उनके हित के लिए कोई भी आत्मयज्ञ करने के लिए आप हमेशा सिद्ध होते हैं। आपकी योग्यता बहुत बड़ी है। इसलिए, आपके व्यक्तित्व का, बुद्धिमŸा का और स्वहितकारकता के परिणाम सब लोगों के मन पर बेहतरीन ही होता है। आपके निश्चयी और योग्य व्यक्तित्व का इन लोगों को राजनीतिक अधिकार दिलाने में बेहतर उपयोग होने वाला है। और लंदन की परिषद में इस जनवर्ग के राजनीतिक अधिकारों का योग्य समर्थन आप ही के हाथों होने वाला है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस वर्ग के लिए आप बेहतर पैरवी कर उनके हित साधने में सफलता पाएंगे।

राजनीति के मामले में आपकी नीति की रूपरेखा को कुछ दिन पूर्व नागपुर में हुई अखिल भारतीय बहिष्कृत वर्ग परिषद में अध्यक्ष स्थान से दिए अपने भाषण में आपने उजागर कर ही दिया है। हमें पूरा यकीन है कि वह नीति कुल हिंदी राष्ट्र और अस्पृश्य माने गए वर्गों के हित की है।