48. स्वावलंबन के लिए अखबारों की जरूरत - 1932 लखनऊ - Page 292

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जैसे कि दूसरे गोलमेज सम्मेलन में तय हुआ था, ब्रिटिश पार्लियामेंट की तरफ से चुनी गई मतदान पूछताछ समिति के कामकाज की शुरुआत इस महीने के पहले हफ्ते में दिल्ली में लॉर्ड लोथियन की अध्यक्षता में शुरुआत हुई। पहले दिल्ली में मतदान कमेटी के कामकाज की सर्वसाधारण रूपरेखा तैयार की गई, और उस रूपरेखा के आधार पर हिंदुस्तान के हर प्रांत तथा उस प्रांत के गांवों में जाकर पूछताछ करने और साक्ष्य लेने की बात तय हुई। उस मतदान कमिटी में अस्पृष्यवर्ग और अन्य पिछडे़ समाज की ओर से डॉ. बी. आर. अम्बेडकर को चुना गया है। बहुजन पददलित और पिछडे़ समाज के समानता के अधिकारों के लिए इस कमेटी की ओर से डॉ. अम्बेडकर ने काम करना तय किया है। दिल्ली से मतदान कमेटी का दौरा लखनऊ में हुआ था। यहां शहर की सही स्थिति स्थानीय मतदान कमेटी की सहायता से आजमाने के बाद आसपास के गांवों में कमेटी के सदस्य पूछताछ के लिए गए।

मतदान कमेटी के दौरे के समय लखनऊ के पददलित और पिछडे़ समाज की ओर से डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का एक समारोह में सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह में भाषण करते हुए डॉक्टर साहब ने कहा,

”अखिल बहिष्कृत समाज की सर्वांगीण उन्नति के लिए बहिष्कृत समाज सेवा संघ के कोई केंद्रीयमंडल तैयार करना होगा। साथ ही अपने स्वावलंबन के आंदोलन का विस्तृत और सभी जगहों पर प्रसार हो, इसके लिए हर प्रांत में हमारा कम से कम एक अखबार तो होना ही चाहिए, तथा मेरे सभी बंधुभगिनियों से एक बडे़ ही आग्रह के साथ विनती करता हूं कि अपने समाज के हर व्यक्ति को चाहिए कि अपने राजनीतिक अधिकार पाने के लिए जितनी हो सकें कोशिशें करनी चाहिएं। वरना आने वाले राज्य में हमारी हालत बेहद बुरी होगी, यह बात आप ध्यान में रखें।“

* जनता : 13 फरवरी, 1932, भाषण की तारीख नहीं दी गई है - संपादक