51. अस्पृश्य समाज के हाथों में राजनीतिक सूत्र होना जरूरी है - मई 1932 कामठी (नागपुर) - Page 297

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कामठी, जिला-नागपुर में आयोजित अखिल भारतीय दलित वर्ग काँग्रेस परिषद का महत्व बयान करने वाला पत्रक स्वागताध्यक्ष हरदाल एल. एन. ने प्रकाशित किया था जो इस प्रकार था -

सम्मेलन का आयोजन करने की सूचना पत्रक के अनुसार कामठी, जिला-नागपुर में दिनांक 7 और 8 मई, 1932 को अखिल भारतीय दलित काँग्रेस के अधिवेशन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उसके लिए लोगों में अदम्य उत्साह था। डॉ. अम्बेडकर शुक्रवार दिनांक 6 मई, 1932 को मुंबई से नागपूर मेल से निकलेंगे, इसका नागपूर में पहले से ही सबको पता चल चुका था। साथ ही काँग्रेस के अध्यक्ष रावसाहेब मुनुस्वामी पिल्लै और मद्रास के अन्य प्रतिनिधि सुबह ही आएंगे, यह बात भी सबको पता चल चुकी थी। सो, शुक्रवार के दिन 5.45 की नागपूर मेल से डॉ. अम्बेडकर और मुंबई के अन्य प्रतिनिधि ट्रेन में बैठ नागपुर की ओर रवाना हुए। बोरीबंदर स्टेशन पर उन्हें लोगों ने विदा दी थी। नागपूर मेल केवल बडे़ स्टेशनों पर रुकती थी और बहुत जल्दी गंतव्य तक पहुंच जाती थी। बोरीबंदर के बाद ट्रेन सीधे कल्याण में रुकती थी। कल्याण के प्लॅटफॉर्म पर ट्रेन गाड़ी के पहुंचते ही ‘डॉ. अम्बेडकर की जय’ का जयनाद हुआ और उसके साथ ही स्टेशन पर चारों तरफ खलबली मच गई। लोग उनके डिब्बे के सामने इकट्ठा हुए। उन्हें फूलमालाएं और हार पहनाए, उनके काम में सफलता मिले, यह कामना व्यक्त की। इसी तरह का दृश्य कसारा, इगतपुरी, देवलाली, नासिक, मनमाड, चालीसगाव, मूर्तिजापुर, अकोला, बडनेरा, धामणगाव आदि स्टेशनों पर दिखाई दिया। इसी गाड़ी में आसाम के राज्यपाल भी यात्रा कर रहे थे, इसलिए कई लोगों को प्लॅटफॉर्म पर आने नहीं दिया गया। लेकिन फिर भी लोगों ने हर स्टेशन का वातावरण अम्बेडकर की जयध्वनि से गुंजा दिया। दिया। 7 मई, 1932 के दिन नागपुर मेल सुबह ठीक 9 बजे नागपुर स्टेशन पर पहुंची। चारों तरफ डॉ. अम्बेडकर की जय की गूंज उठी। लगभग 5000 लोग प्लॅटफार्म पर डॉ. साहब के स्वागत के लिए इकट्ठा हुए थे। डॉ. साहब के रेल से नीचे उतरते ही श्री तुलसीराम साखरे एम. एल. सी. ने उनका स्वागत किया। नागपुर के समता सैनिक दल के बैंड की सुरीली ध्वनि से वातावरण गूंज उठा। लोगों की भीड़ इतनी अधिक थी, कि बंदोबस्त के लिए तैनात सिटी मैजिस्ट्रेट, पुलिस सुपरिंटेंडेंट और अन्य पुलिस

* जनताः 9 अप्रैल और 14 मई, 1932

परिषद आयोजन करने की तारीख में किए गए बदलाव की सूचना देने वाला पत्रक प्राप्त नहीं हो पया-सम्पादक