52. अपने पैरों पर खडे़ रहने के अलावा युवाओं के सामने कोई रास्ता नहीं है - मई 1932 सोलापुर - Page 305

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अपने पैरों पर खडे़ रहने के अलावा युवाओं के सामने कोई

मई 1932 में सोलापुर की अस्पृश्य जनता ने डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को एक समारोह आयोजित कर मानपत्र प्रदान किया। मानपत्र देने का यह कार्यक्रम पापय्या बाबाजी बेलपवार, ऑ. बेंच मैजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस समारोह में महार, मांग, चमार, भंगी आदि सभी जाति के लोगों ने हिस्सा लिया था। इस समारोह सभा में धर्माजी नरसू ख्ररटमल म्यु कौंसिलर, मोहनदास अन्याबा बाबरे म्यु कौंसिलर, विश्राम जीना, भंगी, पंढरी सखाराम बंदसोडे, सिद्राम बाबूराव जाधव, दŸा तात्या सर्वगोड म्यु. कौंसिलर, नामदेव बुधाजी बंदसोडे आदि अलग-अलग जातियों के नेता उपस्थित थे।

‘‘अस्पृश्यों को अब इससे आगे अपने पैरों पर खडे़ होकर अपनी सर्वांगीण उन्नति करवा लेनी चाहिए। हिंदू समाज की सहायता से अस्पृश्यता कभी भी खत्म नहीं होनेवाली है। उल्टे, हमारे बदन में जो अब स्वावलंबन की हवा दौड़ने लगी है वह भी खत्म हो जाएगी।“ इस आशय का स्फूर्तिदायक उपदेश डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने अपने मानपत्र के जवाब में दिए भाषण में दिया।

जनता : 25 जून, 1932. भाषण की तारीख बताई नहीं है। -संपादक