56. अपने लोगों के न्यायपूर्ण अधिकारों के लिए लड़ते हुए अगर किसी ने रास्ते के लालटेन लगाने के खंभे पर फांसी चढ़ाया तो भी मुझे उसकी परवाह नहीं - नवंबर, 1931 लंदन (खत) - Page 364

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मंजूर है। उसके बाद डॉ. अम्बेडकर, सर तेजबहादुर सप्रू, जयकर और सर चुनिलाल मेथा ने मुंबई सरकार के गृह सचिव मि. क्ली को शाम सात बजे अनुबंध की एक प्रति दी और वह सरकारी कार्य-प्रणाली के अनुसार प्रधानमंत्री को भेज देने की विनती की। वहां से सब लोग महात्मा गांधी से मिलने येरवडा जेल गए। मुलाकात के दौरान महात्मा गांधीजी ने करार के बारे में संतोष व्यक्त किया तथा सुलह करने के लिए डॉ. अम्बेडकर तथा अन्य नेताओं को धन्यवाद दिया।

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  1. अस्पृश्यों को साधारण निर्वाचन क्षेत्र में सभी प्रांतों की जनसंख्या को जोड़कर बनने वाली जनसंख्या के अनुपात में 148 आरक्षित जगहें आगे बताए अनुसार दें -

प्रांत अस्पृश्यों के विधिमंडल

लिए जस्थान में हिंदुओं के लिए कुल स्थान बंगाल 30 80 मुंबई सिंध के साथ 15 108 बिहार और उडिसा 18 114 मद्रास 30 153 पंजाब 8 43 मध्य प्रांत और वर्हाड 20 88 असम 7 57 संयुक्त प्रांत 20 144

148 787

इस तरह इस सुलह के कारण अस्पृश्यों को हिंदुओं की 787 जगहों में से 148 जगहें दी जाएंगी।

  1. इन सभी आरक्षित जगहों के लिए अस्पृश्यों के जिन प्रतिनिधियों को चुना

जाएगा, उनका प्राथमिक चयन अस्पृश्य वर्ग के मतदाताओं द्वारा हर जगह के

लिए चयनित चार उम्मीदवारों में से की जाए। उसके बाद इन चार के पैनेल

से एक प्रतिनिधि का चयन स्पृश्यास्पृश्य सभी मतदाताओं द्वारा किया जाए।

प्राथमिक चुनावों में हर अस्पृश्य मतदाता को अपना मत देने का अधिकार है।