76. गरीब छात्रों की शिक्षा के लिए पैसों का उपयोग करना बेहतर होगा - सितंबर 1934 परेल (मुंबई) - Page 430

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गरीब छात्रों की शिक्षा के लिए पैसों का उपयोग करना बेहतर

होगा

मुंबई के परेल में स्थित दामोदर हॉल में डॉ. पी. जी. सोलंकी साहब की अध्यक्षता में शनिवार, ख्1, दिनांक 30 सितंबर, 1934 के दिन ‘मोटर ड्राइवर अस्पृश्य सेवक संघ’ का प्रथम सालाना समारोह मनाया गया। इस अवसर पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, रा. ब. बोले आदि लोग उपस्थित थे। स्वागत पद्य का गान और अध्यक्ष का चयन होने के बाद संघ के अध्यक्ष श्री मारुतीराव घमरे ने रिपोर्ट पढ़ कर संस्था के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। उनके बाद रा. ब. बोले का भाषण हुआ। उसके बाद अध्यक्ष ने डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को बोलने की विनति की और डॉ. बाबासाहेब बोलने के लिए खडे़ हुए।

  1. अपने भाषण में उन्होंने संघ के काम के बारे में संतोष व्यक्त किया। संघ की आवश्यकता के बारे में विस्तार से बातचीत करते हुए ड्राइवरों को उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि, अपने पैसों का कहीं भी इस्तेमाल करने के बजाय परिवार के पोषण पर, समाज के विकास पर और खास कर गरीब छात्रों की पढ़ाई पर करना बेहतर होगा। साथ ही सब ध्यान रखें कि अनीति या बुरी लतों का फैलाव ना हो। संगठन के बगैर समाजहित जैसा कठिन काम पूरा करना संभव नहीं होता। बाप-दादाओं के नाम पर खुद को बेचने का कोई मतलब नहीं है। इसीलिए अपने बंधु-बांधवों से मैं उम्मीद करता हूं कि उद्योग-व्यवसाय में मिले पैसों का उपयोग वे अच्छे कामों में करें। डॉ. बाबासाहेब के भाषण के बाद अन्य वक्ताओं के भाषण हुए। इस अवसर पर अध्यक्ष सोलंकी साहब ने बहुत अच्छा भाषण दिया।

इसके बाद डॉ. बाबासाहेब के हाथों कला में अपूर्व कौशल प्रदर्शन के लिए गंगाराम रघुनाथ को चांदी का तमगा देकर और समाज कार्य के लिए श्री साबाजी मिरके को फूल माला पहनाकर सम्मान किया गया। इस समारोह में श्री बापूसाहब सहस्त्रबुद्धे, शिवतरकर, उपशाम भातनकर आदि लोगों के भी भाषण हुए। आखिर में आभार व्यक्त करने और चुनिंदा लोगों के साथ अल्पोपहार के बाद यह समारोह संपन्न हुआ।

* ‘जनता’ 20 अक्तूबर, 1934

  1. तारीख 29 सितंबर भी हो सकती है-संपादक

  2. 29 सितम्बर, 1934 को शनिवार का दिन था, इसलिए यह सभा रविवार दिनांक 30 सितम्बर, 1934 को हुई हो।