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यहां एक अलग सभा लेकर उन पर अपना विश्वास प्रकट कर धर्मांतरण के बारे में प्रस्ताव पास किया गया। आपसे हमारी यही विनती है कि जिस तरह आप अपने समाज की उन्नति के लिए परिश्रम करते हैं, उसी तरह हमारी तरफ भी आप विशेष ध्यान दें। हममें से कुछ लोगों का आपको विरोध है, लेकिन हमारा उन पर विश्वास नहीं है। आप ही हमारे सच्चे नेता हैं।“ इस तरह डॉ. वनमाली के भाषण के बाद डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का भाषण हुआ। उसमें उन्होंने कहा,
”यहां बुला कर आपने मुझे जो गौरव प्रदान किया है उसके लिए पहले मैं आपके प्रति आभार व्यक्त करता हूं। मुझे कुछ कहना नहीं था, लेकिन डॉ. वनमाली के भाषण से मुझे लगा कि आपको मेरे बारे में थोड़ी आशंका है। मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि मेरा आंदोलन किसी एक वर्ग की या जाति की उन्नति के लिए नहीं है, वरन सभी अस्पृश्यों की उन्नति के लिए है। दुर्भाग्य ही कहिए या सौभाग्य की बात यह है कि यह आंदोलन केवल महार समाज के लोगों ने चलाया है। अन्य जातियों ने अगर उसमें हिस्सा लिया तो, मैं महार जाति से कहूंगा कि आप शांत रहिए। अब तक जो आंदोलन हुआ उसका फायदा केवल महार जाति को न होकर चमार और मांगों को भी हुआ है। हमने मुंबई म्युनिसिपालिटी से कहा कि स्कूल विभाग में सुपरवाइजर की नियुक्ति करनी चाहिए। म्युनिसिपालिटी ने जिन सुपरवाइजरों की नियुक्ति की उनमें चमार जाति के भी लोग थे और फिलहाल (शिवतरकर की तरफ उंगली दिखा कर) वे मेरे पड़ोस में बैठे हैं। पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में अस्पृश्यों की भर्ती के लिए सरकार से कहा तब सरकार ने जो भर्ती की उसमें महार नहीं बल्कि चमार और मांग लोग ही हैं। इन उदाहरणों से मैं यह समझ नहीं पा रहा हूं कि मेरा यह आंदोलन केवल महारों के लिए कैसे हो सकता है? अब जो आंदोलन चल रहा है, उसके बारे में बताता हूं। अस्पृश्यों की सभी जातियों को धर्म परिवर्तन करना चाहिए, ऐसा मुझे लगता है। लेकिन अगर बाकी जातियां मेरी बात को टाल कर चुपचाप बैठी रहती हैं तो मैं क्या कर सकता हूं? एक बात मैं आपको बता दूं, जो जातियां इस तरह पीछे रह जाएंगी उनकी हालत बहुत बुरी होगी। क्योंकि फिर अस्पृश्यता निवारण की लड़ाई आप लोगों को लड़नी पड़ेगी और वह काम बहुत कठिन होगा। क्योंकि महारों की जनसंख्या 80 प्रतिशत है। इतनी संख्या में लोग जब निकल जाएंगे तब बाकी बचे हुए लोग क्या कर सकेंगे? आज भी अपनी बात पर अमल करवाने के लिए इतने आंदोलन करने पड़ रहे हैं, तब भी हमारी बात किसी के कानों तक नहीं पहुंच रही है तो फिर आप लोग क्या करेंगे? इसलिए बहुजन समाज के साथ धर्म परिवर्तन करने में ही आपकी भलाई है। महार जाति से आप पर अगर कोई अन्याय हो रहा हो तो आप मुझे बताइए, मैं उस बारे में जो सही होगा वह करूंगा।“