472 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
गणेश ऐदाले, सदाशिव लक्ष्मण गायकवाड़, तुलजाराम भिकाजी तलभंडारे, लक्ष्मणराव गायकवाड़, लक्ष्मणराव गजभिव, किसनराव वाघमारे, पाटोले, मुंबई के शिवतरकर मास्टर, सालवी, बोरवराकर, वनमाली, सोलंकी, वालिंजकर, शंकरराव वडवलकर, जनाबाई मोरे, सनुबाई सयाजी डावरे, भागिरथीबाई तांबे, अनुसयाबाई व्हावल, राजुबाई लक्ष्मणराव गायकवाड़, मिसेज सवादकर, बी. एस. सावंत, पी. एल. लोखंडे, पोलादपूर सुबे के. बी. टी. तांबे, रत्नागिरी के मुसाडकरबुवा, मोहिते मास्टर, राराम भोले, अर्जुनराव सालवी, जी. ओ. सी. जंजीरा संस्थान के महादेव खैरे, भोर संस्थान के गायकवाड़, भालेराव, सांगली संस्थान से कांबले, मोरे, जत संस्थान के ऐदाले, अक्कलकोट के जाधव, जवार संस्थान के पवार, गायकवाड़, जमखिंडी के वाघचौरे, खैरमोडे, औंध संस्थान के घाटगे, इंदौर से नगीना नाईक, महू से श्री लोखंडे, करडक, निले, प्रसिद्ध कीर्तनकार दिगंबर नागनाथ कांबले, राघू सया डुबल, वसंतराव भातणकर, आर एच अंडागले, जी. एस. दारोले, दादा पगारे मास्टर, रोकडे, संभाजी तुकाराम गायकवाड़, चांगदेव नारायण मोहिते, बाबाजी शिंदे, रामचंद्र वाघचौरे, सोनू सजनाजी संदीरकर आदि। मुंबई इलाके के सभी जिलों से तथा संस्थानों से नेता लोग अपने-अपने जिले के लोगों के साथ परिषद के लिए हाजिर हुए थे। इसके अलावा परिषद के लिए देवदŸा नारायण तिलक, देवराव नाईक, डी. वी. प्रधान, डॉ. मिसेज चंपूताई प्रधान, दŸापंत देशपांडे, बाबूजी कवली, असयीकर वकील, वेदक वकील, बी. कद्रेकर, एम. के. कर्णिक, एडवोकेट पाध्ये, पी. जी. काणेकर, बापूसाहब सहस्त्रबुद्धे, अनंत हरी गद्रे, बॅ. समर्थ, भास्करराव जाधव, कमलाकांत चित्रे, अनंतराव चित्रे, गोपीनाथ प्रधान, शांताराम पोतनीस, सुरेंद्रनाथ टिपणीस आदि लोग तथा सिक्ख समाज के सरदार ईश्वरसिंह, दरबारसिंह, केहरसिंह, अमरसिंह आदि सिक्ख नेता अपने सिक्ख बंधुओं के साथ हाजिर थे।
परिषद में उपस्थित होने के लिए शाम 6.30 बजे अध्यक्ष व्यंकट राव और डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर समता सैनिक दल के गार्ड ऑफ ऑनर से सलामी लेते हुए मंडप के अंदर दाखिल हुए। उनके सम्मेलन स्थल पर पहुंचते समय उनके नाम का जयघोष हो रहा था, जो उनके कुर्सी पर विराजमान होने तक चलता रहा। शुरुआत में स्वागत पद्य गायन हुआ। इसके पश्चात् स्वागताध्यक्ष रेवजीबुवा उर्फ दादासाहब डोलस का भाषण हुआ।
स्वागताध्यक्ष दादासाहेब डोलस के भाषण के बाद पुणे के नेता श्री. राजाराम भोले ने अध्यक्ष से अध्यक्ष स्थान स्वीकारने की विनती की। उसे नासिक के नेता श्री. भाऊराव गायकवाड़ ने तथा श्री चांगदेव मोहिते और सुभेदार घाटगे ने समर्थन दिया। और उसके बाद अध्यक्ष स्थानापन्न हुए। उसके बाद संभाजीराव गायकवाड़ ने उन्हें पुष्पहार अर्पण किया। उसके बाद परिषद के सचिव दिवाकर पगारे ने विभिन्न