475 सम्मेलन में गायन का कार्यक्रम
परिषद के कार्यक्रमों में ईशस्तवन, स्वागत और आभार के गीत लड़कियों ने बडे़ मधुर स्वर में पेश किए और लोगों का मनोरंजन किया। उनके नाम हैं -
-कु. कमलाबाई अमृतराव रणखांबे,
-पार्वतीबाई बलिराम पंडित
-शांताबाई बलिराम नेवालकर
-गोदावरी महादेव रोकडे।
-मनोरमा बलिराम भातनकर
-कुसुम लक्ष्मण जाधव
-चागुंणाबाई भागोजी कांबले
-प्रेमाबाई चरणदास गायकवाड़
मे नामदेव महादेव सुर्वे (पेटी वादन, हार्मोनियम), शंकर अर्जुन सोनावणे (तबला), हिराजी रामचंद्र औंधकर (दिलरुबा), महादेव पाचरडकर (सितार) आदि लोगों ने विभिन्न वाद्यों के बजाने में अपनी महारत दिखा दी जो काबिले तारीफ थी। ख्1, डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का भाषण
अखिल मुंबई इलाका महार परिषद में 31 मई, 1936 के दिन डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने भाषण किया। परिषद को संबोधित करते हुए वे बोले,
”सज्जनों, भाइयों एवं बहनों,
आप जान ही गए हैं कि यह परिषद खास कर धर्म परिवर्तन संबंधी मेरी घोषणा पर विचार करने के लिए बुलाई गई है। धर्म परिवर्तन का विषय मेरे दिल के बहुत करीब है। इतना ही नहीं, आप सभी लोगों का भविष्य उसके साथ जुड़ा होने के कारण यह विषय मुझे बेहद महत्वपू्र्ण लगता है। इसका महत्व आप लोग भी जान गए हैं, ऐसा कहने पर किसी को आपिŸा नहीं होगी। अगर यह सच न होता तो आप आज इतनी बड़ी संख्या में यहां इकट्ठे न होते। इसीलिए आप सब लोगों को यहां इकठ्ठा देख कर मुझे बेहद खुशी हो रही है।
सम्मेलन की आवश्यकता
आप सबने सुना ही होगा कि, धर्म परिवर्तन की घोषणा के बाद कई जगहों पर छोटी-बड़ी सभाओं का आयोजन कर अपने लोगों ने इस विषय पर अपना मत व्यक्त
जनता : 20 जून, 1938