478 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
सोचा जाना चाहिए और सैद्धांतिक दृष्टिकोण से भी सोचा जाना चाहिए। लेकिन किसी भी दृष्टिकोण से धर्म परिवर्तन के बारे में सोचना हो तो भी पहले यह जान लेना जरूरी हो जाता है कि अस्पृश्यता क्या चीज है? और उसका असली रूप क्या है? इस बारे में पूरी तरह समझे बगैर मेरी धर्म परिवर्तन की घोषणा को आप समझ नहीं पाएंगे। अस्पृश्यता का मतलब क्या है और उसका असली स्वरूप क्या है इसके बारे में आप समझें इसके लिए सबसे पहले आप पर हो रहे अत्याचार के बारे में आपको याद दिलाना जरूरी है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिलाने का हक बताए जाने पर, कुएं पर पानी भरने का हक मांगने पर, बारात में दूल्हे को घोड़े पर बिठा कर ले जाने के अधिकार का प्रयोग करने पर स्पृश्य हिंदुओं के द्वारा पीटे जाने के उदाहरण आपके साथ घटित होते रहते हैं। ये सब बातें आपके सामने घटती हैं इसलिए आप इनके बारे में जानते हैं। लेकिन मारपीट की ऐसी कई वजहें हैं, जिनका जिक्र सुन कर भारत के बाहर के लोगों को आश्चर्य लग सकता है। महंगे कपडे़ पहनने के कारण लोगों के साथ मारपीट की जाती है, गहने पहनने के कारण मारपीट की जाती है, पानी लाने के लिए तांबे-पीतल के बर्तन इस्तेमाल करने के कारण मारपीट की जाती है, मरे हुए जानवर खींच कर न ले जाने के कारण, मरे हुए जानवरों का मांस न खाने के कारण मारपीट किए जाने के उदाहरण दिए जा सकते हैं। पैरों में जूते-जुराबें पहनकर गांव में घूमें इसलिए, सामने आए हिंदू व्यक्ति को जोहार न बजाए लाने के कारण, शौच के लिए जाते समय लोटे में पानी लेकर जाने के कारण पीड़ा पहुंचाई जाने के उदाहरण भी बताए जा सकते हैं। पंचों की पंगत में रोटी परोसने के कारण मारपीट किए जाने की घटना हाल ही में घटी है। इन सब तरह के जुल्मों की और अपने को अमानुष तरीके से सताए जाने के कई उदाहरण आपने सुने होंगे, आपमें से कइयों ने उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव भी किया होगा। मारपीट करना जहां संभव नहीं होता, वहां बहिष्कृत करने के शस्त्र का आप पर उपयोग किए जाने की बात भी आप जानते होंगे। मोलमजदूरी मिलने नहीं देना, जंगल से जानवरों को गुजरने नहीं देना, लोगों को गांव में आने नहीं देना, आदि सभी तरह की पाबंदियां लगा कर स्पृश्य हिंदूओं से आप लोगों को परेशान कर दिए जाने की बात आपमें से कइयों को याद होगी। लेकिन, ऐसा क्यों होता है?, इसके पीछे क्या वजह है? इस बारे में मेरे मतानुसार आपमें से बहुत कम लोग जानते होंगे। उसे जानना मेरे मत में बहुत आवश्यक है।
| ; | g |
|---|
| o | x | Zd | y | g |
|---|
| d | h |
|---|
ऊपर कलह/विवाद के जो उदाहरण दिए हैं उनका व्यक्ति के गुणावगुणों से कोई संबंध नहीं है। वह दो खलनायकों के बीच का कलह भी नहीं है। अस्पृश्यता वर्गकलह का प्रश्न है। स्पृश्य और अस्पृश्य इन दो समाजों के बीच का वह विवाद