36 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
जिन लोगों की किसी समय इतनी उन्नत स्थिति थी उन लोगों की आज इतनी अवनति क्यों हो गई? विवेकशील दृष्टि से देखें तो इस प्रदेश के अस्पृष्यवर्ग की स्थिति जितनी खराब है कि उनके जितने गरीब, अशिक्षित और मूढ़ लोग अन्य प्रदेश के अस्पृष्यवर्ग में नहीं है ऐसा कहने में कोई भी हर्ज नहीं है। इस प्रदेश के अस्पृश्य वर्ग की स्थिति में इतनी खेदजनक और चिंताजनक बदलाव कैसे हुआ यह एक गंभीर प्रश्न है। इसका हमेशा यह उŸार दिया जाता है कि ब्रिटिश सरकार द्वारा सेना में अस्पृष्यों की भर्ती बंद किए जाने के कारण यह अनर्थ हुआ है। मुझे इस बारे में संदेह नहीं है कि इन बातों में बहुत सच्चाई है। राजनीतिक नैतिक और आर्थिक दृष्टि से किन्ही भी नागरिकों पर सरकारी नौकरी में भर्ती पर पाबंदी लगाना अन्यायकारक है। ऐसा कहना पड़ेगा कि अस्पृश्य समाज के लोगों की सेना में भर्ती न करना पक्षपात का लक्षण तो है ही साथ ही विश्वासघात और मित्रद्रोह का भी लक्षण है। अस्पृश्यों की मदद के बिना इस देश में अंग्रेज सरकार का प्रवेश संभव नहीं था। अंग्रेजों ने मराठा शासन का उन्मूलन किस तरह किया इस बारे में इतिहासकार अनेक कारण बताते हैं। कोई मराठा राज में व्याप्त जातिभेद को भी एक कारण बताते हैं। कोई मराठा राज्य में आपस में बढे़ फूट और तनाव को वजह मानते हैं लेकिन मेरी छोटी-सी बुद्धि को यह लगता है कि उनमें से एक भी कारण सही नहीं है। यदि जातिभेद और फूट के कारण मराठे दुर्बल हुए थे तो अंग्रेज कहां शक्तिशाली थे? असल में जिन दिनों अंग्रेजों ने इस देश पर कब्जा किया उस समय नेपोलियन ने इंग्लैंड को परेशान कर रखा था। इतना कि उन्हें ईस्ट इंडिया कंपनी की धन-बल और सैन्य बल से मदद कर पाना असंभव था। इसके विपरीत नेपोलियन के चंगुल से छूटने के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी से ही धन और सैनिक मदद की मांग की गई थी। हिंदुस्तान में अंग्रेजों की स्थिति इतनी कमजोर होने के बाद भी उन्होंने यह देश कैसे काबीज किया इसका पता मराठों के अंदरूनी तनाव या फूट से नहीं लग पाता। मुझे लगता है कि इसका संतोषजनक उŸार एक ही है। यदि अंग्रेज इस देश के लोगों की सेना नहीं खड़ी कर पाते तो वे कभी भी इस देश को जीत नहीं सकते थे। इन सब बातों पर गौर कर, मैं दयालु और न्याय प्रेमी अंग्रेज सरकार से यह अनुरोध करता हूं कि वे अपने आप से यह सवाल पूछें कि इस देष के लोगों से बनाई गई सेना में कौन लोग थे? और अगर वे अपने पुराने दस्तावेजों को जांचेंगे तो उन्हें पता चलेगा तो उनकी सेना में अस्पृश्यों के अलावा कोई और नहीं था। इससे यह स्पष्ट है कि यदि अंग्रेजों के पीछे अस्पृश्यों की शक्ति खड़ी नहीं होती तो वे इस देश पर कभी भी विजय प्राप्त नहीं कर पाते। जिन लोगों ने सेना में भर्ती होकर देश पर कब्जा कराया उन्हीं लोगों का सेना से निष्कासन न्याय की अजीबोगरीब मिसाल है। अंग्रेज लोग किस तरह अवसरवादी हैं उसका एक दूसरा