91. अपनी पार्टी के लायक उम्मीदवार को ही चुन कर विधिमंडल में भेजें - जून 1936 मुंबई - Page 534

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और इस केंद्रीय मंडल की ओर से सभी जिलों के प्रतिनिधियों को चुना जाए। जो उम्मीदवार चुनाव लड़ना चाहेगा, उसे अपनी उम्मीदवारी की अर्जी स्थानीय कमेटी में देनी होगी। और वह अर्जी वे अपनी सिफारिश के साथ केंद्रीय मंडल (सेंट्रल बोर्ड) भेजेंगे जहां उस अर्जी पर विचार किया जाएगा और किसी उम्मीदवार को चुना जाएगा। आपके सहयोग और संगठन के बगैर यह योजना सफल नहीं हो पाएगी। आपने अगर निश्चय किया कि हमारे बोर्ड ने जो उम्मीदवार चुन कर दिया है, हम उसी को अपना वोट देंगे तो हमें जो पंद्रह जगहें मिली हैं, उससे अधिक उम्मीदवार हम चुनेंगे। केंद्रीय मंडल जिस उम्मीदवार को चुनेगा, उस उम्मीदवार को अपनी पार्टी की सभी शर्तों का पालन करना होगा। मैंने यह शर्तें तय की हैं। आगे चल कर उनको सार्वजनिक किया जाएगा।

इस तरह राजनीति में हम बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। देखने में केवल पंद्रह सीटें होने के बावजूद अगर हम एकी से पेश आएंगे, तो मुझे यकीन है कि चुनाव के वक्त हम पंद्रह की जगह पैंतालीस सदस्य बड़ी आसानी से जिता सकते हैं। आपको इस तरह का मौका मिल रहा है।

आपको जो राजनीतिक सŸा प्राप्त हुई है उसके बारे में भले आप ज्यादा नहीं जानते हों, लेकिन उच्च वर्ग के लोग उसकी अहमियत जानते हैं। इसीलिए वे आपको परेशान करने का मौका तलाशते रहेंगे। उसमें से भी, कौन अपना हितैषी है और कौन हितशत्रू है, इस बारे में आपको सोचना होगा, और उसी आधार पर अपना मत देना होगा। उच्च वर्ग के जो लोग हमारे हित के लिए कोशिश कर रहे हैं, हम इस तरह से उन्हें चुनाव में उनकी मदद कर सकते हैं। इस तरह से अपना गुट बड़ा हो सकता है। अस्पृश्यों में कई जातियां समाविष्ट हैं। अस्पृश्यों में महार जाति घर के बडे़ भाई की तरह है। इसीलिए सभी जातियों के साथ वे भाईचारे से, अपनत्व से, समता का बर्ताव करें। उनके साथ सहकारिता का बड़प्पन हमें दिखाना होगा। आप सभी सीटों पर खुद कब्जा करके ना बैठें। अपने स्वार्थ के लिए ही सही आपको इन पंद्रह जगहों के लिए अन्यों को भागीदार बनाना होगा। क्या आप इस अनुशासन का पालन करने के लिए तैयार हैं? आप अगर तैयार हैं, तो ही मैं राजनीति में आऊंगा। आप अगर अनुशासन का पालन नहीं करेंगे तो मेरी राजनीति में कोई रुचि नहीं है, यह मैं आपको साफ-साफ बता रहा हूं।