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अखिल मुंबई इलाका मातंग परिषद का अधिवेशन दादर नायगाव में मुंबई इलाका महार परिषद के भव्य मंडप में मंगलवार दिनांक 2 जून, 1936 की रात 9 बजे हुआ था। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर द्वारा येवले में धर्मांतरण की जो घोषणा की गई थी उसे समर्थन देने के लिए मातंग बंधुओं की यह परिषद मुंबई इलाके की ओर से आयोजित की गई थी। इस परिषद में सात-आठ हजार की संख्या में मातंग पुरुष और महिलाओं का समुदाय और मुंबई इलाके के हर जिले के प्रतिनिधि उपस्थित थे। परिषद की शुरुआत में नासिक के श्री. डी. जी. रोकडे, श्री. माने, श्री. फालके का स्वागत पद्य गान हुआ। उनके बाद स्वागताध्यक्ष रामचंद्र नाथोबा कालोखे ने स्वागत का भाषण दिया। उनके बाद श्री दौलतराव चिलोबा वायदंडे ने अध्यक्ष स्थान स्वीकारने की सूचना रखी। इस सूचना को श्री. मारुतराव तूपसौंदर, बाबूराव रामजी कांबले, श्री. के. एस. सकाटे ने समर्थन दिया। उसके बाद अध्यक्ष को और डॉ. बाबासाहेब को पुष्पमालाएं अर्पण की गईं। उस समय चारों ओर जयकार की ध्वनि गूंज रही थी। फूलमालाएं पहनाने के कार्यक्रम के बाद अध्यक्ष श्री. बोतालने का भाषण हुआ।
अलग-अलग जगहों से विभिन्न नेताओं के परिषद के लिए सुयश की कामना व्यक्त करने वाले संदेश आए थे। उन संदेशों में श्री शंकरराव शिवरामजी साठे (नगर), गणपत जयवंत पवार, अनंतराव दौलत लोखंडे (कोल्हापुर) आदि लोग थे। इस परिषद में मे. रामचंद्र केरू जाधव (सोलापुर), दौलतराव गायकवाड़ (सोलापूर), पांडुरंग नाना वडेकर (कर्हाड), रामचंद्र पुनाजी सकट (दौंड), किसन भाऊराव वाघमारे (नगर), सीमाराम बाबाजी लांडगे (पुणे), दादोबा शेंडगे (पुणे), रामचंद्र कालोखे (जुन्नर), शांताबाई श्रावण सकाटे (खडकी), भागवत पवार (जुन्नर), शंकर शिवराम शिंदे (जुन्नर), आर. एस. फालके (पुणे), आबा गेणू खंडाले (जेजुरी), मोहना मल्हारी साठे (नगर) आदि प्रमुख नेता लोग उपस्थित थे।
मुंबई इलाका मातंग परिषद में जो प्रस्ताव पारित हुए वे इस प्रकार थे -
प्रस्ताव 1 : (अ) इस अखिल मुंबई इलाका मातंग परिषद में पूरे सोच-विचार के
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बाद यह तय किया जाता है कि, समता और आजादी पाने के लिए मातंग समाज के सामने धर्म परिवर्तन के बगैर अन्य कोई चारा नहीं।
* जनता : 13 जून, 1936