7. जागृति की ज्योत को कभी भी बुझने न दें - मार्च 1927 कोलाबा - Page 59

42 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

प्रस्ताव दो - यह सभा सरकार से अनुरोध करती है कि देहातों में कई स्थानों पर अस्पृश्यों को पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। इस समस्या को दूर किया जाना चाहिए।

प्रस्ताव तीसरा - बहिष्कृत लोगों की आर्थिक उन्नति के लिए वन विभाग की जमीनें खेती के लिए दी जाएं।

प्रस्ताव चौथा - अत्यंत पिछड़े बहिष्कृत वर्ग की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए और उनके दुखों को दूर करने के लिए सरकार निम्न बातों पर ध्यान दे।

(अ) अस्पृश्य समाज के अनक्वालिफाइड व्यक्ति को जहां संभव हो वहां सरकारी

नौकरी दी जाए।

(ब) अस्पृश्यों की सेना में भर्ती की जानी चाहिए।

(क) अस्पृश्यों को नौसेना में शामिल किया जाए।

(ड) सेकंड इयर ट्रेंड मास्टरों को शिक्षा विभाग में सुपरवाइजर का पद दिया

जाए।

(इ) अस्पृश्य वर्गं के साक्षरों को स्थानिक पुलिस बल में स्थान दिया जाए।

(क) अस्पृश्यों की जितनी संख्या में संभव हो पुलिस विभाग में भर्ती किया जाए।

प्रस्ताव पांचवा - सरकारी काम के लिए लोगों की तरफ से अनाज एक हिस्सा दिए जाने के बजाय सी.पी आदि राज्यों की तरह गांव वालों पर सेस लगाया जाए और मजदूरों को मासिक वेतन देने की पद्धति लागू की जाए।

छठा प्रस्ताव - बहिष्कृत वर्ग द्वारा मरे हुए जानवर का मांस खाने की प्रथा पर सरकार कानून के जरिए रोक लगाए क्योंकि इससे स्वास्थ्य के लिए खतरा तो है ही बहिष्कृतों का दर्जा भी हीन बन जाता है।

प्रस्ताव सातवां - शिक्षा और शराबबंदी के बारे में सख्ती बरती जाए।

प्रस्ताव आठवां - श्री एम.के. जाधव को डिप्टी कलेक्टर का पद न दिए जाने पर यह सभा खेद प्रगट करती है।

प्रस्ताव नौंवां - 111वीं बटालियन में पहले बनाए गए फंड महाड तहसील के नौकरी करने वालों के पैसे हैं। उससे इस तहसील के अस्पृश्य वर्ग के बच्चों के लिए छात्रावास बनाया जाए।

प्रस्ताव दसवां - शिक्षा के मामले में पिछडे़ हुए बहिष्कृत वर्ग की उन्नति के लिए निम्न बातों पर अमंल किया जाए-