12. हमें मिसाल बनानी चाहिए कि हम किसी से कम नहीं - सितंबर 1927 एल्फिन्स्टन रोड ((मुंबई)) - Page 74

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शनिवार, 17 सितंबर, 1927 को रात 9 बजे एल्फिन्स्टन रोड की डेविड मिल चाल के कंपाउंड में महाड में 25 दिसंबर से होने वाले सत्याग्रह के बारे में पहली सार्वजनिक सभा डॉ. भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता में हुई। सभा में अस्पृश्य वर्ग के लोगों की भारी भीड थी। सभा में मेसर्स गणपतराव जाधव, धोंडीराम गायकवाड़, सालुंके बुवा तथा शिवतरकर जी के सत्याग्रह के बारे में भाषण हुए। बाद में अध्यक्ष डॉ. अम्बेडकर ने बहुत सरल भाषा में लोगों से कहा कि,

”सज्जनों,

मुझसे पहले के वक्ताओं ने आपको बताया है कि हमें सत्याग्रह क्यों करना चाहिए। अस्पृश्यता हमारा कलंक नहीं है तो हमारी मां-बहनों पर कलंक है। कारण यह है कि जो लोग खुद को स्पृश्य समझते हैं उन्हें ऐसा लगता है कि मेरी मां अस्पृश्य को जन्म देने वाली मां से बेहतर है। लेकिन हकीकत यह है कि हर मां नौ महीनों में ही प्रसूत होती है। इसलिए कोई भी स्त्री दूसरी स्त्री से श्रेष्ठ नहीं है। इसलिए जो दूसरे को अपने से कमतर समझता है उसे हमें उचित सबक सिखाना चाहिए कि हम किसी से कम नहीं। जो मनुष्य है उसे धर्म की दृष्टि से समान अधिकार हैं। इसलिए हमें सत्याग्रह करके अपने अधिकारों को हासिल करना चाहिए। जो लोग इस सत्याग्रह में भाग लेना चाहते हैं, वे अवश्य भाग लें। लेकिन जो अपने काम-धंधे के कारण भाग नहीं ले सकें उन्हें फूल नहीं तो फूल की पंखुड़ी ही सही इस न्याय से आर्थिक रूप से मदद करनी चाहिए, ऐसी मेरी आपसे विनती है।“ बाद में अध्यक्ष और अतिथियों के प्रति आभार प्रकट करने के बाद सभा समाप्त हुई।

* ”बहिष्कृत भारत“, 30 सितम्बर, 1927