80 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
इस कार्यक्रम पर कुछेक लाख रुपए खर्च होंगे। खर्च होने वाला यह सारा पैसा कहां से आया? यह सारा पैसा अमीर सेठों ने दिया है। इस बारे में अपने अनुभव की एक बात बताता हूं। हमारे कोंकण में अमीर मुसलमान लोग गरीब लोगों की शदियां इस शर्त पर करवा देते हैं कि अगले 10 सालों तक वे उनके यहां ही काम करेंगे। लेकिन वे एक शादी नहीं एक ही समय में कई जरूरतमंदों की कई सारी शादियां एक ही महूरत पर कराते हैं। साथ ही दस सालों के करार के बाद का एक साल प्रेम से उनके यहां काम करते रहना पड़ता है। इन सभी लोगों को साहूकार के यहां काम करना पड़ता है। इसी प्रकार काँग्रेस अधिवशन की लाखों रुपयों की जरूरत और अमीरों से लिए जाने वाले कर्जे की खातिर पता नहीं और कितने सालों तक इस हिन्दुस्तान को अमीरों की गुलामी में बिताने पड़ेंगे? इसलिए यह लड़ाई गरीब, मजदूर और किसानों को संगठित होकर ही लड़नी पड़ेगी। आज भले मैं स्वतंत्र लेबर पार्टी का अध्यक्ष हूं, लेकिन मुझे इस पद की लालसा नहीं है। कोई और अध्यक्ष बन कर इस जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार होगा तो उसमें मुझे बड़ी खुशी होगी। राजनीति से वैसे मेरा क्या फायदा है? राजनीति से दूर रहता तो आज मेरा लाखों रुपयों का मुनाफा होता। हिंग की जैसे बू होती है उसी प्रकार हम पर अस्पृश्यता का कलंक लगा है। सो-गैर अस्पृश्य अगर बिदक कर स्वतंत्र लेबर पार्टी से दूर रहने लगे तो यह उनकी मर्जी है। लेकिन हममें से हर बालिग महिला और पुरुष को सालाना चार आने का चंदा देकर स्वतंत्र लेबर पार्टी का सदस्य बनना चाहिए और स्वतंत्र पार्टी को बलवान बनाना चाहिए। इसी विनती के साथ मैं आज आपसे विदा लेता हूं। फूलमालाएं अर्पण किए जाने के बाद ‘डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की जय’ की गूंज में सभा विसर्जित हुई।
ठीक दोपहर 2 बजे डॉ. अम्बेडकर सराणा के लिए निकले। रास्ते में काजीसांगवी, तहसील चांदवाड में डॉ. बाबासाहेब का सम्मान और अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर गांव के मराठा जाति के प्रमुख नेता श्री कारभारी बागाजी पाटील ने डॉ. अम्बेडकर के गुणों का गौरव करने वाला भाषण किया।