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सेठ की जगह पर खड़ा किया गया है और उसका दण्डित कामगार नगर’ नाम दिया गया है। इस परिषद में रेलवे में काम करने वाले अस्पृश्य कामगारों के साथ जो अन्याय हो रहा है, चारों ओर से उसका जो दमन हो रहा है, उसके बारे में सोच-विचार होगा। वैसे तो कहा जाता है कि श्रमिकों की कोई जाति नहीं होती, काई धर्म नहीं होता। इन बड़ी बातों को मानने के बावजूद अस्पृश्य कामगारों के साथ केवल उनकी अस्पृश्यता के कारण किस तरह अन्याय किए जाते हैं यह इस परिषद में अध्यक्ष डॉ. अम्बेडकर अपने भाषण में स्पष्टता के साथ बताने वाले हैं। साथ ही वे कामगारों की लड़ाई की दिशा कौन-सी हो इसका भी स्पष्टीकरण देने वाले हैं। सो, इस महत्वपूर्ण परिषद में हर अस्पृश्य माने गए कामगार को प्रतिनिधि के तौर पर उपस्थित रहना चाहिए।
परिषद का कार्यक्रम
शनिवार दिनांक 12 फरवरी, 1938 की सुबह 8 बजे से 11 बजे तक कमेटी की बैठक होगी। दोपहर 3 बजे स्वागताध्यक्ष श्री पी.एन. बनकर का भाषण, अध्यक्ष द्वारा सूचना, स्वागत के पद और पोवाड़े, संदेहा पठन और रात के भोजन के बाद जलसे होंगे। रविवार दिनांक 13 फरवरी, 1938 की सुबह नौ बजे अध्यक्ष श्री बाबासाहेब अम्बेडकर का भाषण तथा अन्य कार्यक्रम डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर मनमाड में शनिवार और रविवार दोनों दिन रुकेंगे। शनिवार के दिन रेलवे परिषद का कामकाज शुरू होने से पहले डॉ. बाबसाहेब अम्बेडकर तथा कुछ अन्य लोगों के लिए सटाणे और काजीसांगवी में कुछ छोटे सार्वजनिक कार्यक्रम होंगे।
मुम्बई इलाका स्पृश्य युवक परिषद
शनिवार दिनांक 12 की रात 8 बजे मुम्बई इलाका अस्पृश्य युवक परिषद का अधिवेशन होगा जिसकी अध्यक्षता करेंगे डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर इस युवक परिषद में स्वतंत्र लेबर पार्टी के कार्यक्रम को पूरे इलाके में जोश के साथ कराने को लेकर सोच-विचार होगा और अगले कार्यक्रम की दिशा तय की जाएगी। अपने पक्ष का कार्यक्रम युवाओं की मदद से ही सफल होने वाला है इसलिए इस युवक परिषद का महत्व जानकर सभी युवा इसमें अवश्य उपस्थित रहें।
महराष्ट्रीय अस्पृश्य महिला परिषद
युवकों की परिषद की ही तरह अस्पृश्य महिलाओं की परिषद ‘दलित कामगार नगर’ में रविवार दिनांक 13 फरवरी को दोपहर तीन बजे पुणे की प्रमुख कार्यकर्त्ता श्रीमती मैनाबाई शामराव भोले की अध्यक्षता में होगी। इस परिषद की स्वागताध्यक्ष होंगी श्रीमती वेणुबाई रविकांत जाधव। इस महिला परिषद में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का भाषण होगा जिसमें वह महिलाओं को आंदोलन में उनकी भूमिका के बारे में संदेश देंगे। इसके अलावा अन्य भाषण, प्रस्ताव आदि कार्यक्रम होंगे।