118 12/13.2.1938 आजादी, समता, बंधुभाव पर आधारित नई पद्धति श्रमिक संगठनों का लक्ष्य हो - मानमाड़ - Page 107

86 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

इन दो दिनों में मनमाड में होने वाले इस बड़े आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का पूरा जिम्मा रेल परिषद के कार्यकारी मंडल पर होगा।

मनोरंजन के कार्यक्रम

परिषद् के दिनों में आगंतुक मेहमान, प्रतिनिधि और दर्शकों के मनोरंजन के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर नासिक जिला युवक संघ का जलसा, मनमाड की पुरानी रुढि़-विध्वंसक जलसा मंडल का जलसा, नासिक रोड का सत्यवादी सामाजिक जलसा, इसके अलावा चांदवड, जोपूल आदि के जलसे, शाहीर घेगडे के ‘पोवाडे’ गायन, कातरगावकर और वडाला के श्री एस.आर. सालवे के लड़के-लड़कियों का संगीत कार्यक्रम जैसे विभिन्न कार्यक्रम होंगे।

मनमाड में होने वाली परिषदों के कार्यक्रमों का ब्यौरा ऊपर दिया गया है इन तीन परिषदों के त्रिवेणी संगम का यह मौका है। डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के नेतृत्व में चल रहे आत्मनिर्भरता और आजादी के आंदोलन के लिए निर्विवाद रूप से पोषक साबित होगा। यह उनके लिए भी बड़े गर्व की बात है कि इस कार्यक्रम से संबंधित जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए में आर.आर. पवार, बनकर, आहिरे, खरे, संसारे, पाटिल, सरोदे, मोरे, पगारे आर तेलुरे आदि लोग काफी मेहनत कर रहे हैं।

इन तीन मत्त्वपूर्ण परिषदों को सफल बनाने के लिए मुम्बई इलाके के अस्पृश्य भाई-बहनों का केवल सहायता करना ही काफी नहीं होगा, अन्य प्रांतों के लोग भी सहायता करें। इन तीन परिषदों में शामिल होने के लिए पुणे, मुम्बई, औरंगाबाद, धुलिया, जलगांव, नासिक रोड, इगतपुरी, धानोरी, नागपुर और वन्हाड प्रांत से प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

नागपुर के महमानों से विचार-विमर्ष

रविवार दिनांक 13 फरवरी, 1938 के दिन दोपहर एक से दो के दरमियान नागपुर-वन्हाड प्रांत से आए प्रतिनिधियों के साथ डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर यहां के आंदोलन के बारे में विचार-विमर्श करेंगे। परिषद के मनोरंजन कार्यक्रम में समय की जरूरत के अनुसार फेर-बदलाव किया जाएगा। इस परिषद के लिए चालीसगांव से बैंड आने वाला है। परिषद में सार्वजनिक कामकाज के लिए मंडप में लाऊड स्वीकर की योजना दोनों के लिए की गई है।

जनता अखबार तथा पृथक मजदूर पार्टी के लिए दो दफतर रखे गए हैं। ‘जनता’ अखबार के लिए चंदा देने वाले अपना सालभर का चंदा यहां दे सकते हैं। साथ ही पृथक मजदूर संघ के सदस्य बनने वाले लोग दफतर में अपना चंदा जमा करें। इसके अलावा, इन दोनों दफतरों में हमारे आंदोलन के बारे में जानकारी भी मिल सकती है। ख्4,

पिछले कई दिनों से जिसके बारे में धूम मची हुई थी वह अखिल जी.आई.पी. रेलवे

  1. जनताः 5 फरवरी, 1938