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* अमीरों के धन से अगर पार्टी का कामकाज चलेगा तो पार्टी की
विशिष्टता खत्म हो जाएगी
27 मार्च, 1938 के दिन नायगांव, मुंबई में पृथक मजदूर पार्टी की सालाना सर्वसाधारण सभा हुई। इस अवसर पर अध्यक्षीय भाषण में डॉ. बाबासाहब अम्बेडकर ने कहा,
स्वतंत्र लेबर पार्टी की आज की इस सालाना सर्वसाधारण सभा में उपस्थित रहने में मुझे खुशी लगती है। अपने पृथक मजदूर पक्ष का काम अनुशासनबद्ध तथा नियमबद्ध तरीके से जारी रखने की ओर ध्यान देना जरूरी है। आज की सभा महत्वपूर्ण है। आज ही सुबह मैंने स्वतंत्र लेबर पार्टी के मुंबई ऑफिस गया था। दो ढाई घंटे रुक कर वहाँ चल रहे कामकाज को मैंने देखा। वहाँ जो भी चल रहा है वह देख कर मुझे आनंद और आश्चर्य की अनुभूति हुई। अचरज महसूस होने की वजह यह है कि स्वतंत्र लेबर पार्टी का यहाँ का काम एकदम व्यवस्थित ढंग से और निर्विघ्न रूप से चल रहा है। अन्य कोई भी व्यक्ति अगर ऑफिस में जाकर देखे तो उसे भी वहाँ संतोषजनक ढंग से काम चल रहा है यही दिखाई देगा। जो लोग दफतर में जाकर वहाँ के कामकाज के सुचारू रूप से चलने की बात को देख नहीं पाएंगे उन्हें मैं अपने पूरे यकीन से बताता हूँ कि कुल काम ठीक ढंग से चल रहा है। दफतर में काम करने वाले स्वयंसेवक या कम मुआवजा लेकर काम करने वाले 9-10 वर्कर्स हैं उन्हें इस काम का श्रेय दिया जाना चाहिए। हमारी पार्टी गरीबों की पार्टी होने के कारण हम उन्हें भरपूर मुआवजा नहीं दे सकते हैं इसके बावजूद वे व्यवस्थित ढंग से काम करते हैं। उनके लिए यह गर्व की बात है। अभी आपको जमा-खर्च की जो रिपोर्ट पढ़ कर सुनाई गई उससे आपको पता चल गया होगा कि अब तक हजार बार सौ रुपए खर्च हो चुके हैं। हजार बारह सौ रुपये अभी बाकी हैं। इस लेखे की तुलना काँग्रेस के जमा खर्च से की जाए तो पता चलेगा कि यह इतनी छोटी रकम है कि काँग्रेस को नोन-मिर्च के लिए भी नाकाफी होगी। अब तक कार्यकारी मंडल के 40-50 लोगों ने और बाहर के 25-30 प्रचारकों ने ही यह काम पूरा किया है। आप सब लोग अगर जी-जान से काम करें तो इससे बड़ा काम होगा। मुंबई शहर में अस्पृश्य वर्ग के लोगों की संख्या एक लाख से अधिक है। उनमें से चार हजार लोग ही अब तक स्वतंत्र लेबर पार्टी के सदस्य बन चुके हैं। यह शर्मनाक बात है। यहाँ बैठने की जो व्यवस्था की गई है उससे मैं देख पा रहा हूँ कि महिलाओं
* ख्., जनता, 2 अप्रैल, 1938