128 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
पर अंकुश लगाने के लिए कोई कठोर उपाय लागू करना जरूरी है। सुधार की राह पर आगे बढ़ रहे मुंबई शहर को हर साल खून से नहाना पड़े यह बड़े ही दुर्भाग्य की बात है। इसका सही बंदोबस्त हो इसलिए मैं इस बिल का समर्थन करता हूँ। साथ ही, इस बिल से पुलिस कमीश्नर को जो अतिरिक्त अधिकार प्राप्त होने वाले हैं उनसे नागरिकों की आजादी को सही सुरक्षा प्राप्त हो इसलिए इस बिल के साथ यह उप-सूचना जोड़ी जा रही है। इसीलिए मैंने अपनी उप-सूचना में सुझाव रखा है कि आपात स्थिति में पहले घोषणा पत्र निकालने के बाद ही उस पर अमल किया जाए। पुलिस कमीश्नर को इस बिल के कारण मिलने वाले अधिकारों केवल दंगों तक ही सीमित रहे इसलिए इसे लागू करने की मियाद केवल एक महीने की रहे यह सूचना रखी गई है। ना. मुंशी ने भी साफतौर पर आश्वासन दिया है कि इस कानून का उपयोग जातीय दंगों के अलावा नहीं किया जाएगा। बहुमत से डॉ. अम्बेडकर की सूचना पारित होने के बाद इस बिल का पहला पठन पास हुआ।