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मारता है यह याद रखें आप जानते ही हांगे कि स्वतंत्र लेबर पार्टी आपके लिए जमींदारी बिल ले आई है। हालांकि आज विधिमंडल में काँग्रेस का बहुमत होने के कारण ‘जमींदारी बिल’ पास होगा ही इसकी शाश्वती नहीं है। अगर वह बिल मंजूर नहीं होता तो मैं बताऊंगा तभी से सभी काश्तकार जमींदार को इजारा ना दें। आप जानते हैं। कि आप अगर जमींदार को इजारा नहीं देंगे तो वह आप पर दावा कर जब्ती का वारंट लाकर आपसे अनाज वगैरेह बेलिफ के जरिए जब्त करवा कर ले जाता है। लेकिन रत्नागिरी जिले के सभी खेतीहर अगर जमींदार को इजारा देना बंद कर देंगे तभी सरकार का दिमाग वापिस ठिकाने आएगा। क्योंकि हर तहसील में 50-60 हजार किसान होते हैं। इस हिसाब से जमींदार को उतने ही दावे करने पड़ेंगे और हर तहसील में दो-तीन बेलिफ ही हाते हैं सो इतने सारे किसानों से इजारा वसूल करना असंभव हो जाएगा। और इस प्रकार जमींदार पद्धति को अपने आप झटका लगेगा। इस कारण अगर आपको कारागार जाना पड़े तो आपको उसके लिए तैयार रहना होगा। यहाँ मैं घोषणा करता हूँ कि आपके लिए अगर कारागार जाना पड़े तो मैं सबसे पहले चला जाऊंगा। इसी प्रकार स्वतंत्र लेबर पार्टी के कार्यकर्ता भी अगर जरूरत पड़े तो आपके हित में कारागार जाने के लिए हमेशा तैयार हैं। लेकिन आपकी भी आत्म बलिदान की तैयारी होनी चाहिए। कारागार जाने में कोई बुराई नहीं। क्योंकि अधिकार के पद पर जो हैं वे काँग्रेस के सभी दीवाण’ कारागार होकर आए हैं। ध्यान में रखिए कि आप चोरी या किसी अन्य गुनाह के लिए कारागार में बंद नहीं किए जा रहे हैं बल्कि सिद्धांत के लिए कारावास स्वीकार कर रहे हैं इस बात का जरूर ध्यान रखें।
काँग्रेस के कुछ प्रचारक स्वतंत्र लेबर पार्टी के बारे में बड़ी गलतफहमियाँ फैला रहे हैं। वे जताना चाहते हैं कि स्वतंत्र लेबर पार्टी का आंदोलन केवल चालाकी भरा और अज्ञानी किसानों को ठगने वाला है। यह आंदोलन डॉ. अम्बेडकर ने केवल इसीलिए चला रखा है कि महारों के जरिए अन्य जातियों को भ्रष्ट किया जा सके और रोटी-बेटी व्यवहार में गड़बडि़याँ पैदा की जा सकें। मेरा आपसे यही कहना है कि आप ऐसी गलतफहमी बिल्कुल ना पालें। हम महारों में क्या अच्छी लड़कियाँ नहीं हैं? महार जाति पर मुझे पूरा भरोसा है। मुझे भरोसा है कि वे हमेशा मेरा साथ देंगे और मेरा अनुगमन करेंगे। लेकिन आप कुलवाड़ी और अन्य लोगों से मुझे यह उम्मीद है कि जमींदारी बिल के मंजूर होने के बाद आप स्वतंत्र लेबर पार्टी से अपने तालुक खत्म नहीं कर देंगे। पीढि़यों तक आप स्वतंत्र लेबर पार्टी साथ अपने संबंध बनाए रखिए। क्योंकि जमींदारी बिल के बाद स्वतंत्र लेबर पार्टी कई और बिल लाने वाली है। क्योंकि स्वतंत्र लेबर पार्टी का अंतिम लक्ष्य यही है कि किसान और श्रमिकों के हाथ में सत्ता आए और उनकी सरकार ही स्थापन हो। करीब डेढ़ घंटों तक डॉ. बाबासाहेब के इसी प्रकार के विचार परिलुप्त भाषण के बाद भाई सुरेन्द्रनाथ टिपणीस, भाई चित्रे, भाई कोवले, भाई प्रधान आदि वक्ताओं के भाषण हुए। ‘बाबासाहब अम्बेडकर की जय’ की घोषणाओं के साथ सभा समापन हुआ।