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* स्वतंत्रः लेबर पार्टी का प्रभाव
रविवार दिनांक 3 दिसम्बर, 1938 ** को रात 10 बजे मुंबई के फोरास रोड की म्युनिसिपल सीमेंट चॉल नं. 18 की ओर से लोकाग्रणी और मजदूरों के नेता डॉ. बा बासाहेब अम्बेडकर की अध्यक्षता में इमारत फंड के लिए मदद इकट्ठा करने के लिए बड़ी सार्वजनिक सभा का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर मेसर्स प्रि. दोंदे, के. वी. चित्रे, भाई प्रधान, विधायक डी.जी. जाधव, सी.एल. मोहिते, दादासाहेब गायकवाड़, टी.एम. गुंडेकर, मडके बुवा, रेवजी डोलस, एस.पी. द्योत्रे, वडवलकर और केशवराव आडेकर आदि लोग उपस्थित थे। तीन-चार हजार का जनसमुदाय जुड़ा था। ठीक 10 बजे डॉ. बाबासाहेब और अन्य यूरोपीयन लोगों का सभा स्थान पर आगमन हुआ। लोगों ने तालियां बजा कर उनका हार्दिक स्वागत किया। सी. एन. मोहिते मास्टर नियोजित अध्यक्ष की सूचना लाने के लिए उठ खड़े हुए। उन्होंने लोगों को समझाते हुए बताया कि इमारत की कितनी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि फोरास रोड म्युनिसिपल चॉल नं. 18 के हेल्थ डिपार्टमेंट में काम करने वाले लोगों की ओर से आज 235 रु. इक्टठा किए गए हैं यह बड़ी खास बात है। के.डी. शिर्के द्वारा उनकी बात का समर्थन किए जाने के बाद डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने अध्यक्ष स्थान ग्रहण किया। पहले मडके बुवा, रेवजी डोलस और प्रि. दोंदे साहेब के समयोचित भाषण हुए।
उसके बाद डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने बाइबिल के ओल्ड टेस्टामेंट से ज्यू लोगों की गुलामी की दिल पिघला देने वाली कहानी सुनाई। उन्होंने यह भी विस्तार से समझाया कि किस प्रकार ज्यू लोगों की गुलामी और अस्पृश्यों की स्थिति में कितना फर्क है। उसके बाद उन्होंने महाड़ के सत्याग्रह से लेकर तब तक की सामाजिक और राजनीतिक स्थितियों का सिंहावलोकन किया। इमारत फंड के बारे में उन्होंने कहा- कि हर चॉल अपनी तरफ से पांच लोगों की कमेटी बनाए और चॉल के अठारह साल से अधिक उम्र के लोगों की गिनती करें। इससे मुझे इस बात का पता चलेगा कि उस चॉल से कुल कितना रुपया मुझे मिलना चाहिए। हर व्यक्ति अपनी हैसियत के अनुसार एक रुपये से अधिक रुपया चंदा दें। बुंबई स्कूल कमेटी विभाग के हर अध्यापक से आधी तनख्वाह ली जा रही है। आज हमारे काम की व्याप्ति बढ़ने के कारण समाज और राजनीति के सूत्र संचालन के लिए अपनी इमारत का होना बेहद
* जनताः 10 दिसम्बर, 1938
* * तारीख शायद 4 दिसम्बर, 1938 होगी-संपादक