214 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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* समता सैनिक दल का सैनिक निर्भय योद्धा ही तो है
स्वतंत्र लेबर पार्टी के और डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के अस्पृश्यों की र्स्वांगीण उन्नति के कार्य के लिए जिन सैनिकों ने अपने को ताउम्र समर्पित किया हुआ है उस मुंबई के समता सैनिक दल की सालाना परेड और निरीक्षण का कार्यक्रम रविवार दिनांक 8 जनवरी, 1939 की सुबह डॉ. बाबासाहेब के नेतृत्व में परेल के कामगार मैदान पर हुई। मुंबई के विभिन्न मोहल्ले से, पाडों से और वार्डों में से समता सैनिक दल के पथक अपने कैप्टन के साथ सुबह 6.30 से ही कामगार मैदान में इक्ट्ठा हो रहे थे। दल के जीओसी श्री रामजी धयालकर ने सभी दलों के अनुशासन के साथ मैदान पर खड़ा कर परेड की प्राथमिक पूर्वाभ्यास किया। बैंड की सुस्वर ध्वनि के साथ परेड का कार्यक्रम बढि़या हुआ।
ठीक 10 बजे अपने सहयोगियों के साथ डॉ. बाबासाहेब मैदान में आए। सैनिकों के अलावा अन्य सभी लोगों ने तालियां बजा कर उनका स्वागत किया। प्राथमिक स्वागत समारोह की समाप्ति के बाद डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर, स्वतंत्र लेबर पार्टी के सचिव डी. वी. प्रधान और दल के जीओसी धयालकर ने समता सैनिक का मुआयना किया। तब वे सब सेना के जवानों की तरह दिखाई दे रहे थे। मन में तब वीर श्री पैदा हो रही थी। हर सैनिक द्वारा किया गया सफाई का पालन, बढि़या साफ कपड़े, अनुशासन आदि प्रशंसा के योग्य था।
दल को देखने के बाद कीर फोटो स्टुडियो की ओर से दल के तथा डॉ. अम्बेडकर के साथ अन्य नेताओं के अलग-अलग फोटो लिए गए। इस जनरल परेड के लिए करीब 2500 समता सैनिक और करीब 20000 अन्य जनता इक्ट्ठा हुए थे। इसके बाद स्वतंत्र लेबर पार्टी के सचिव श्री डी.वी. प्रधान ने डॉ. अम्बेडकर को भाषण की विनती करते हुए कहा कि आज दल में वर्दी वाले केवल 2500 सैनिक हैं। बिना वर्दी के उतने ही अन्य और सैनिक हैं आज मुंबई शहर में समता सैनिक दल की संख्या पांच हजार है। अगले साल तक यह दोगुनी 10000 तक पहुंचेगी इसका मुझे यकीन है। समता सैनिक दल की शाखएं सिर्फ मुंबई में ही नहीं हैं, सीपी यानि मध्य प्रांत आदि विभिन्न प्रांतों में उनकी शाखाएं हैं। और प्रसार भी लगातार हो ही रहा है। पूरे हिंदुस्तान में स्वतंत्र लेबर पार्टी के झंडे के नीचे 50000 सैनिकों के होने का दृश्य जल्द ही दिखाई देगा।
* जनताः 14 जनवरी, 1939