97 16.1.1937 ये पद सम्मान के नहीं, कुछ कर दिखाने के हैं - इगतपुरी - Page 25

4 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

है। अब तक हमें अपनी शिकायतें सरकारी अधिकारियों के जरिए रखनी पड़ती थीं लेकिन अब से हमें अपनी शिकायतें सीधे विधि मंडल में रखनी हैं। हमारे सभी सुख-दुःखों के बारे में जहां सोचा जाना है उस विधि मंडल में आपकी ओर से जाने वाला आदमी बेहद मजबूत होना चाहिए। ये पद सम्मान के नहीं, कुछ कर दिखाने के हैं। विधि मंडल में व्यक्ति अपने लिए नहीं जाता वह अपने समाज के लिए जाता है। समाज के कारण उत्पन्न मसलों के बारे में सही-गलत सोच कर विधि मंडल में हमारी ओर से लड़ने वाला इंसान हमें चुन कर भेजना होगा। विधि मंडल हमारे बचाव का साधन है।

हमारे जिले के पश्चिम हिस्से की ओर से एक प्रतिनिधि चुनकर भेजने का अधिकार आपको मिला है। इस एक जगह के लिए श्री भाऊराव गायकवाड और रामचंद्र रोकडे ये दो उम्मीदवारखड़े हैं। आप इन दोनों को अच्छी तरह पहचानते हैं। इसलिए इस बारे में मुझे किसी की सिफारिश करने की जरूरत नहीं है।

इस विधि मंडल द्वारा महार लोगों के वतन के बारे में सोचने की जरूरत है। आपके पास जमीनें न होने के कारण बंजर जमीनें आप चाहते हैं। हमारा समाज शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा होने के कारण हमारे बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था होना जरूरी है। गरीबी है तो, सरकारी वजीफे मिलने जरूरी है। अस्पृश्य माने जाने के कारण आपको होने वाली परेशानी दूर करने के लिए अस्पृश्यता निवारण के बारे में कानून बनाना जरूरी है। सरकारी नौकरी में हमारे लोगों की भर्ती होना जरूरी हैं। इसलिए इस बारे में प्रबंध होना जरूरी है। ऐसी सैकड़ों बातें विधि मंडल के जरिए झगड़ कर हमें पानी हैं। इन दोनों में से यह काम कौन कर सकते हैं ऐसा आपको लगता है (लोग चि८ाकर बताते हैं- गायकवाड करेंगे)।

रोजमर्र के कामों के दौरान हम देखते हैं कि किसी आदमी को अगर घर बनाना हो और अगर बढ़ई की जरूरत आना पड़े तो हम अधिकतर बढ़ई का काम जानने वाले व्यक्ति को ही काम पर रखते हैं। मिस्त्री के काम के लिए मिस्त्री को ही काम पर रखते हैं। इसी प्रकार विधि मंडल के काम कौन अच्छी तरह कर सकता है यह सोच कर आपको ही तय करना है। यह बेहद महत्वपूर्ण है। यहां अपना-पराया सोचकर काम नहीं चलेगा। नाते-रिश्तों की सोचने से यहां काम नहीं चलेगा। इसी प्रकार आपसी द्वेष भावना से प्रेरित होकर बदले की भावना से बौखलाकर चलेगा नहीं। हमारी शिकायतें विधि मंडल में रख कर उसका निवारण जो कर पाएगा ऐसा आपको लगता है उसी को वोट देकर चुनाव जिताना जरूरी है। जो व्यक्ति विधि मंडल में जाने योग्य है उसी को चुन कर विधि मंडल में भेजें।

हमारे सामने एक ही जगह के लिएखड़े दो उम्मीदवारों में से कौन अधिक लायक है यह देखना जरूरी है। श्री भाऊराव गायकवाड द्वारा पिछले कई सालों से की गई समाज