162 16.12.1939 न्यायपूर्ण अधिकार पाने के आड़े सरकार आए तो विद्रोह करो, लेकिन अन्याय न सहो - हरेगांव (अहमदनगर) - Page 267

246 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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* न्यायपूर्ण अधिकार पाने के आड़े सरकार आए तो विद्रोह करो,

लेकिन अन्याय न सहो

मुंबई इलाका माफीदार (जिनके पास काफी की जमीन है) महार, मांग, वेटिया, परिषद के बारे में जो सूचना-पत्र निकाला गया था वह इस तरह था-

‘‘तारीख 16 शनिवार और 17 रविवार, दिसम्बर, 1939 स्थान हरेगांव, शुगर फैक्ट्री, तहसील कोपरगांव, जिला अहमदनगर, अध्यक्ष- डॉ. बाबासाहेब बम्बेडकर।

सभी माफीदार महार, मांग वेठिया आदि भाई-बहनों को विनति के साथ सूचित किया जाता है कि वतन के बारे में आपके मन में जो गर्व और अपनत्व का भाव है उसे ध्यान में रखते हुए सूचित किया जाता है कि, सरकार माफीदार महार, मांग वेठिया आदि लोगों पर समय-समय पर अन्यायकारी और जुल्मी बंधन लाद रही है। गावकामगार, महार आदि लोग ईमानदारी के साथ सभी सरकारी काम करते हैं, इसके बावजूद पाटील, तलाठी आदि लोगों की शरारतपूर्ण् रिपोर्टों के कारण सरकारी काम न करने के जुर्म में उन पर जुर्माना ठोंका जा रहा है। गांवकामगार महारों से पहले जो सरकारी काम करवाए जाते थे वे सभी सरकारी काम उनसे करवा ही लिए जाते हैं लेकिन दरिद्रता से पीडि़त तथा लगाई गई पूलापट्टी बड़ी मुश्किल से जमा करवाने वाले महार आदि लोगों को इनाम में मिली जमीन पर हजारों रुपयों की पूलापट्टी बढ़ा कर उन्हें कंगाल किया जा रहा है। साथ ही उनके लिए अनिवार्य सरकारी कामों का बोझ अलग से उन पर लाद कर उन्हें बेजार, जर्जर कर दिया है।

इन सभी जुल्मों के बारे में जल्द से जल्द सोच कर हमें अपनी योग्य मांगें सामुदायिक रूप से मांगनी चाहिएं। हमारी योग्य मांगों पर अगर सरकार नहीं सोचती है तो अपने साथ हो रहे जुल्मों का कानूनी तरीके से विरोध करना चाहिए। उन सभी महत्वपूर्ण और अपने से संबंधित बातों पर परिषद में विचार किया जाएगा इसलिए आप सभी इस अवसर पर उपस्थित रहने की कृपा करें।

कई मुश्किलों के कारण परिषद में आनेवाले मेहमानों के खानपान का प्रबंध आयोजकों से नहीं किया जा सकता। यह बताने में हमें बेहद कष्ट हो रहा है। इसलिए सबसे विनति है कि वे आते समय अपनी रोटियां साथ ले आएं।

इस परिषद के बारे में अगर कोई पत्राचार करना चाहें तो वे श्री भाऊराव कृष्णराव

* जनताः 9 दिसम्बर और 23 दिसम्बर, 1939