166 26.12.1939 स्वराज आपका और राज हम पर! - बेलगांव - Page 279

258 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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* स्वराज आपका और राज हम पर

26 दिसम्बर, 1939 को डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने बेलगांव जिला स्वतंत्र लेबर पार्टी की बेलगांव में आयोजित परिषद को संबोधित किया।

अपने भाषण में उन्होंने कहा-

यहां मैं पहली बार आ रहा हूं। स्वराज की स्थापना होने के बाद पिछले 27 महीनों से यहां काँग्रेस का राज था। अब नहीं है। अल्पसंख्यकों ने भगवान को काँग्रेस की सरकार जाने का धन्यवाद दिया। हालांकि कई लोग यह भी कह रहे हैं कि 22 तारीख को जो भी हुआ वह देशद्रोह है। यह कार्यक्रम स्वराज की राह का अड़ंगा है ऐसा भी कहा जाता है। लेकिन मुसलमान अस्पृश्य, पारसी आदि सबने संगठित होकर राजकाज के बारे में शिकायत की और न्याय की मांग की। शिकायतों के बारे में पूछताछ करने भर की हमारी मांग है और हमें देशद्रोही करार दिया गया।

व्यापक नजरिए से सोचें तो उसमें तीन महत्वपूर्ण सवाल हैं। पहला- हिंदू मुसल­ मानों के एक हुए बगैर संभव नहीं। दो- केवल हिंदुओं के बारे में सोचें तो उसमें ब्राह्मण-ब्राह्मणेतर के कई भेद हैं। तीन- हिंदु अस्पृश्यों की लड़ाई। कुछ लोग कहते हैं कि ये सवाल स्वार्थ से उपजे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। इनकी गहरी जड़ें हैं। काँग्रेस का कहना है कि राष्ट्र की सत्ता अपने हाथ रहे। फिर आपने मुस्लिमों के लिए क्या किया? हिंदु-मुसलमानों के बीच बड़ी दुश्मनी है। आज से पहले कभी वह इतनी बढ़ी नहीं थी। मुसलमानों को लगता है कि हिन्दुओं के राज्य में रहना ही नहीं है। उन्हें लगता है कि हिन्दुस्तान के दो टुकड़े होने चाहिए। इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं? काँग्रेस जिम्मेदार है। स्व. तिलक को मुस्लिमों से प्रेम नहीं था। लेकिन जैसे ही पता चला कि मॉटेग्यूसाहब हिन्दुस्तान आ रहे हैं, उन्होंने मुसलमानों से कहा कि आपको जो चाहिए वह सब हम आपको देते हैं। यह कह कर उन्होंने लखनऊ पैक्ट करवाया। लेकिन आज काँग्रेस के लोग क्या कर रहे हैं? लेन-देन की कोई बात तो ये करते ही नहीं।

अब ब्राह्मण गैर-ब्राह्मण विवाद क्या ये खत्म हुआ है? सबको सम्मान के पद मिल रहे हैं इस बात का यकीन काँग्रेस में गए हमारे मित्र रा. ब. आंगड़ी देंगे क्या? वह आज यहां उपस्थित हैं। आप चाहें तो उनसे पूछ सकते हैं। काँग्रेस के सातों प्रांतों में मुख्यमंत्री

* जनताः 6 जनवरी 1940