168 30.12.1939 शाहू छत्रपति ने ब्राह्मण्य का किला ढहा दिया - कोल्हापुर - Page 290

269

प्रजा 997000 है और उसमें 8,66000 लोग हिंदु हैं और 1,10,000 लोग अस्पृश्य और 41866 लोग मुसलमान हैं। मोटे तौर पर देखा जाए तो जनसंख्या में 11 प्रतिशत अस्पृश्य, 5 प्रतिशत मुसलमान हैं कहा जा सकता है। कुल 11 प्रतिशत अस्पृश्यों में से केवल 481 अस्पृश्य सरकारी नौकरी में हैं। और उनमें से ज्यादातर झाडू वाले, घोड़े वाले, नाल ठोंकने वाले आदि हीन तबके की नौकरियों में ही हैं यह अलग से बताने की जरूरत नहीं।

अब रियासत की शिक्षा संस्थाओं के बारे में सोचते हैं। रियासत द्वारा प्रकाशित किए गए आंकड़ों से किन छात्रावासों को कितनी सरकारी मदद मिलती है यह बात इन आंकड़ों से स्पष्ट होती है-

रुपए

  1. आर्य समाज छात्रावास 5012

  2. कर्नल बोर्ड हाऊस 3600

  3. वैदिक छात्रावास 3600

  4. मराठा छात्रवास 11,314

  5. मुस्लिम छात्रवास 9460

  6. अन्य छात्रावास 5010

  7. मिस क्लार्क छात्रावास 625

  8. इन्दुमति छात्रावास 700

जोड़ 39,321

कोल्हापुर रियासत में छात्रावास पर रु. 39321 खर्च होते हैं यह बात इन आंकड़ों से साबित होती है। हालांकि ध्यान में रखने योग्य बात यह भी है कि इस रकम में से केवल रु. 1326 ही अस्पृश्य और (7) और (8) के तहत गिने गए छात्रावासों के हिस्से आते हैं।

इसके अलावा इस रियासत में केवल 20 अस्पृश्य छात्रों की ही आधी फीस माफ की जाती है। इस विवरण से पता चलता है कि इस रियासत में अस्पृश्यों की शिक्षा की उपेक्षा ही हो रही है।

अब हम खेती के मसले के बारे में सोचें। इस रियासत में खेती की कुल जमीन 22 लाख एकड़ है। और उसमें से तेरह लाख तेरह हजार एक जमीन पर खेती की जा रही है। परती जमीन 3,71,423 एकड़ है और महाराज की निजी-शेरी-जमीन 46,359 एकड़ है। इसलिए यह परती और शेरी जमीन राजा की निजी जमीन अस्पृश्यों को देकर क्या उनकी स्थितियां में सुधार नहीं लाया जा सकता? देवस्थान और धर्मादाय खाते में भी रियासत का काफी पैसा बेमतलब खर्च होता रहता है।