174 19.3.1940 राजनीतिक आजादी पाते ही जनता का कल्याण होगा यह भ्रम है - महाड़ - Page 302

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राजनीतिक आजादी पाते ही जनता का कल्याण होगा यह भ्रम है

स्वतंत्र लेबर पार्टी की ओर से महाड़ में 19 मार्च, 1940 को ‘अस्पृश्य स्वतंत्रता दिवस’ आयोजित करने के बारे में परिपत्र निकाला गया। वह इस प्रकार था-

‘‘19 मार्च, 1927 को महाड़ में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की अध्यक्षता में अस्पृश्य समाज की एक विराट महासभा हुई। उस सभा में डॉ. अम्बेडकर ने अखिल भारतीय अस्पृश्य समाज की ओर से स्वतंत्रता, समता और बंधुता इन जनतंत्र के सिद्धांतों की सार्वजनिक घोषणा की। सभा में बाद हजारों अस्पृश्य जुलूस निकाल कर चवदार तालाब पर गए। अपने नागरी आजादी और समानता के अधिकार का प्रयोग करते हुए पानी भरा और अपना हक प्रस्थापित किया। इस अवसर के ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में लेते हुए आगे हम वर्ष 19 मार्च का दिन अस्पृश्यों का स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मनाए जाने की परिपाटी डालने की जरूरत है।

महाड़ में मंगलवार 19 मार्च, 1940 के दिन डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की अध्यक्षता में अस्पृश्यों की महाप्रचंड सार्वजनिक सभा होने वाली है। साथ ही जुलूस, झंडा वंदन, स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा आदि काम होने वाले हैं।

जिन-जिन के लिए संभव हो से सभी अस्पृश्य भाई-बहन महाड़ में आयोजित 19 मार्च के कार्यक्रम में उपस्थित रहें। जिनके लिए महाड़ आना संभव न हो वे अपने-अपने गांव में आजादी का उत्सव मनाएं। मोटेतौर पर उत्सव का कार्यक्रम इस प्रकार रखा जाए-

  1. सुबह हर घर में स्वतंत्र लेबर पार्टी का झंडा फहराएं।

  2. डॉ. बाबासाहेब के फोटो के साथ झंड़े का सार्वजनिक जुलूस निकालें और उसमें

दांडपट्टा जैसे कार्यक्रम रखें। जुलूस महारवाडे तक ले जाएं। महारों की बस्ती

में सजे हुए मंडप के सामने झंडे की वंदना करें।

  1. झंडे की वंदना के बाद सभी पुरुष, महिला और बच्चे आजादी की प्रतिज्ञा करें।

  2. सभा, भाषण आदि कार्यक्रम करें।

विशेष सूचना - स्वतंत्र लेबर पार्टी का निशान है लाल झंडा। उस पर बीचों-बीच ‘स्वतंत्र लेबर पार्टी’ लिखा है। झंडे की बाईं तरफ ऊपर कोने में 11 तारे दर्शाए गए हैं। ये 11 तारे हिन्दुस्तान के 11 प्रांतों का प्रतीक हैं। इन सभी प्रांतों में स्वतंत्र लेबर पार्टी