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लिए, नजर रखने के लिए विलायत में हिंदी सीआईडी नियुक्त किए जाते थे। अन्य प्रांतों के छात्र यह काम किया करते थे लेकिन बताने में मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि ऐसे कामों में कभी किसी महाराष्ट्रीय को हमने लिप्त नहीं पाया। इसीलिए, मेरी राय है कि व्यवहार-कुशलता और शीलसंपन्नता दोनों महाराष्ट्रीय व्यक्ति के गुण हैं। इन्हीं गुणों के कारण महाराष्ट्र को हिन्दुस्तान में महत्पूर्ण स्थान प्राप्त हुआ है।
आज तक हिन्दुस्तान में काल्पनिक राजनीति का हल्ला मचा हुआ है। ऐसे हालात में महाराष्ट्र को व्यवहार और शील इन दो बातों में तालमेल बिठा कर अपना कर्तव्य पूरी तरह निभाना है। इस प्रकार अपने कर्तव्य को निभाना है। आजकल राजनीति आवारागर्द और गैर-जिम्मेदारी बनी है। ऐसे मुश्किल हालात में हिन्दुस्तान को मुक्ति दिलानी होगी। आजकल स्थितियां बेहद नाजुक बनी हुई हैं। जागरूक बने रहें तभी आपकी निभ सकती है। अंधश्रद्धा के साथ किसी के पीछे-पीछे चलते रहना हमारे शील, व्यवहार और ज्ञान को शोभा नहीं देगा।
मानपत्र के लिए एक बार फिर आपके प्रति आभार प्रकट कर मैं अपना भाषण पूरा करता हूं।