296 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
176
* छापाखाना और ‘जनता’ पत्रिका पृथक मजदूर पार्टी के सहारे
चल रहे वृक्ष की जड़ें हैं
परेल के आर.एम. भट्ट हाईस्कूल के हॉल में ** शनिवार दिनांक 14 जुलाई, 1940 को रात 9 बजे पृथक मजदूर पक्ष की मुंबई शाखा के कार्यकारी मंडल की बैठक हुई थी। बैठक की अध्यक्षता डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने स्वीकारी थी। ठाणे बोर्डिंग, ‘जनता’ पत्रिका और भारत भूषण छापाखाने की कठिन स्थितियों के बारे में सोच कर उसमें से निकलने का हल ढूंढने के लिए यह बैठक खास कर बुलाई गई थी। श्री बाबूराव भातणकर एम.एल.ए. द्वारा सदस्यों को ठाणे बोर्डिंग की स्थितियों के बारे में जानकारी दी गई और बोर्डिंग की मदद का आह्नान भी किया गया था। श्री अनंतराव चित्रे ने जनता और भारत भूषण छापाखाने के बारे में जानकारी दी। बाद में श्री बाबासाहेब अम्बेडकर ने छोटा-सा भाषण दिया। वह बोले-
श्री बाबूराव भातणकर खुद अगर ठाणे बोर्डिंग की जिम्मेदारी अपने सिरे लेने के लिए तैयार हों तो मुझे कोई आपत्ति नहीं। इसी प्रकार श्री अतंतराव चित्रे को अगर लगता है कि छापाखाना बिना नुकसान के चलाया जा सकता है तो और कुछ समय अनुभव प्राप्त करने में मुझे कोई आपत्ति नहीं। लेकिन बोर्डिंग और छापाखाने की जिम्मेदारी मैं अपने सिर लेने के लिए तैयार नहीं हूं। जब तक संभव था तब तक मैंने यह जिम्मेदारी सम्हाली। पच्चीस हजार रुपये लगा कर यह छापाखाना मैंने आपको चलाने दिया है। विधिमंडल, म्युनिसिपालिटियां, लोकल बोर्ड आदि के चुनाव, मुंबई, महापालिका कामगार संघ आदि संस्थाएं जो जिस स्वतंत्र लेबर पक्ष के सहारे चलती हैं उस वृक्ष की छापाखाना और जनता पत्रिका जड़ें है। हममें से कई लोगों की ये बात समझ नहीं आ रही है। छापाखाने का न्यास बनाने के लिए मैं तैयार हूं। लेकिन उसके लिए अब नए कार्यकर्त्ताओं को आगे आना होगा। अब तक कार्यकर्त्ताओं ने बिना कुछ मूल्य लिए आपका काम किया। अब हम बूढ़े हो गए हैं। बहुत जल्द मैं 50 का हो जाऊंगा। अबके बाद आप में से नए, उत्साही लोगों को काम करने के लिए आगे आना होगा। अपनी तरफ से सभी संभव मदद देने के लिए मैं हमेशा तैयार हूं।
* जनताः 20 जुलाई, 1940
** भाषण की तारीख 13 जुलाई, 1940 हो सकती है-संपादक