300 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
हैं। इसलिए आपको संदेश देना आसान है। आपके संगठन के पांच हजार सदस्य हैं। इन सभी सदस्यों से हरेक के पीछे दो रुपयों के हिसाब से आपको कुल दस हजार रुपए जोड़ने होंगे। पहले महीने में हर व्यक्ति एक रुपया दें। एक महीने के बाद अपने हिस्से का एक और रुपया दें।
इस काम के लिए एक कमेटी नियुक्त की जाएगी। उस कमेटी के चिटनवीस का काम श्री शांताराम अनाजी अपशाम करेंगे। मेरे हस्ताक्षरों के साथ रसीदें निकाली जाएंगी। रसीद लेकर हर कोई अपने हिस्से का पैसा दे। एक बात मुझे यहां स्पष्ट करनी होगी कि आप यहां यूनियन के सदस्य के तौर पर नहीं बल्कि अस्पृश्य जाति के घटक के रूप में पैसा देगा। यह पैसा मडके बुवा के जरिए वसूल किया जाएगा कि यूनियन की ओर से। इस पैसे पर आपकी यूनियन का किसी तरह से कोई अधिकार नहीं रहेगा। सो, यह जाति का काम है यह मानते हुए आप तुरंत इस काम की शुरूआत करें। यही मैं आज आग्रह के साथ आपसे कहना चाहता हूं। और कुछ मुझे आज नहीं कहना है।