180 10.10.1940 अस्पृश्यों से प्राप्त धन से ही आंदोलन के लिए भव्य इमारत बनाइए - परेल (मुंबई) - Page 323

302 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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* अस्पृश्यों से प्राप्त धन से ही आंदोलन के लिए

भव्य इमारत बनाइए

गुरुवार दिनांक 10 अक्तूबर, 1940 के दिन महाड़ तालुका महार हितसंरक्षक संघ के लोगों द्वारा डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को चाय-पार्टी देने का कार्यक्रम परेल के. आर. एम. भट हाईस्कूल में हंसी-खुशी संपन्न हुआ।

संघ के सदस्य और कार्यकारी मंडल के सदस्य विधायक भाई चित्रे, श्री कमलाकांत चित्रे, दादासाहेब संभाजी गायकवाड़, लोखंडे, सवादकर आदि के साथ पहले डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर का ग्रुप फोटो लिया गया। उसके बाद चाय-पार्टी का कार्यक्रम संपन्न हुआ। संघ के अध्यक्ष श्री आर. वी. मोरे ने तय बात के अनुसार ‘जनता’ पत्रिका को नकद 40 रुपये दिए और 10 रुपये बाद में देने का अभिवचन दिया। उपस्थित जनसमूह द्वारा बड़े आग्रह के साथ विनती की गई कि डॉ. बाबासाहेब इस अवसर पर कुछ बोलें।

तालियों की गड़गड़ाहट के बीच डॉ. बाबासाहेब उठ कर खड़े हुए। उन्होंने अपने भाषण में कहा-

जिस महाड़ तहसील ने अस्पृश्यों के आंदोलन की शुरूआत की उसी तहसील के लोगों द्वारा मुझे 50 रुपये देकर सभा में आमंत्रित करने की प्रथा की भी अस्पृश्य समाज में शुरूआत की इसलिए वह अभिनंदन के अधिकारी हैं। मुंबई अस्पृश्यों के लिए एक बड़ी इमारत बनाई जाने वाली है। इमारत बनाने के लिए धन की बेहद जरूरत है। इस बड़ी जिम्मेदारी को निभाने के लिए अपनी पुरानी कर्तृता के अनुरूप इस बार भी आगे आएंगे इसका मुझे यकीन है। महाड़ तहसील के लोगों के बारे में मुझे अभिमान महसूस होता है। इस प्रकार अनमोल शब्द कह कर तथा कार्यक्रम के बारे में संतोष व्यक्त कर उन्होंने भाषण का समापन किया।

उसके बाद संघ के उपाध्यक्ष श्री विट्ठल सालवे ने महत्वपूर्ण मेहमानों को फूलमालाएं पहनाईं। आखिर एस. एस. निकम ने सबके प्रति आभार प्रकट किया।

* जनताः 26 अक्तूबर, 1940