181 1.11.1940 ...तो गांवों के अन्याय पीड़ित लोगों की मदद की जा सकती है - दादर (मुंबई) - Page 324

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* ... तो गांवों के अन्याय से पीडि़त लोगों की मदद की

जा सकती है

1 नवम्बर, 1940 को इमारत और उसके लिए इक्ट्ठा किए गए फंड के बारे में एक बड़ी सभा चित्रा सिनेमा टॉकीज के पीछे ली गई जगह पर डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। सभा में श्री डी. वी. प्रधान, भा. र. कद्रेकर, के. वी. चित्रे आदि महत्वपूर्ण लोग उपस्थित थे। उपस्थित जनसमुदाय ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ डॉक्टर साहब का स्वागत किया।

श्री बी. एस. गायकवाड़ ने सभा की शुरूआत की। अध्यक्ष पद की सूचना रखते हुए उन्होंने बताया कि डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की बड़ी भावी श्रीमती लक्ष्मीबाई का बुधवार दिनांक 23.10.1940 को तड़के 2.30 बजे देहांत हुआ। इस प्रकार निजी मुश्किल के होते हुए भी डॉ. बाबासाहेब ने अपना दुख परे रख कर सभा का अध्यक्ष स्थान स्वीकारने के लिए हामी भरी। इसके लिए उन्होंने डॉ. बाबासाहेब को धन्यवाद दिया। साथ ही चिटणीस इमारत फंड की विनती का सम्मान करते हुए बड़े जमावड़े के साथ उपस्थित होने के लिए जनता को भी धन्यवाद दिया। बाद में श्री बाबासाहेब से अध्यक्ष स्थान स्वीकारने की विनती की। उनकी सूचना का श्री एस. एल. वडवलकर ने समर्थन किया। उसके बाद तालियों की गड़गड़ाहट के बीच डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा-

असल में, आज की सभा बुलाने की वैसी कोई जरूरत नहीं थी। क्योंकि इमारत के तथा इमारत के लिए फंड इक्ट्ठा करने की घोषणा मैंने दो वर्ष पूर्व की थी। तब से हम योग्य जगह पाने की कोशिश में लगे हुए थे। मुंबई शहर में असल में दो तरह की जगहें हैं। मुंबई म्युनिसिपालिटी की जगहें और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जगहें। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से जो जगह खरीदेगा वह एक तिहाई जगह पर ही इमारत बना सकता है। बाकी इमारत के चारों तरफ की जगह खाली छोड़नी होती है, नियम ही है वैसा। म्युनिसिपालिटी की जगह खरीदने वाले को उस जगह पर बनने वाली इमारत के चारों ओर दस फीट की जगह खाली छोड़नी पड़ती है। ऐसी जबरदस्त शर्तें मानना हमारे लिए संभव नहीं था। इसलिए हम अन्यत्र सहूलियत वाली जगह ढूंढने लगे। आखिर आप अभी जहां बैठे हैं

* जनताः 16 नवम्बर, 1940