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* आपका स्वार्थ-त्याग और साहस अपूर्व है
परेल, मुंबई में 17 मई, 1941 को दिन शाम 5.45 बजे परेल लाल चॉल पंचों की ओर से इमारत फंड के लिए थैली अर्पण समारोह संपन्न हुआ। अध्यक्ष स्थान पर थे डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर पहले पंचों के स्वागताध्यक्ष श्री गणपत तुलसीराम सावलेकर और श्री पी.एल. लोखंडे के भाषण हुए।
डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर बोलने के लिए खड़े हुए तब तालियों की गड़गड़ाहट से लोगों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा, पुलिस कमिश्नर के हुकुम से सभा नहीं होती। हालांकि, मैं यहां आपको धन्यवाद देने आया हूं। यहां अपने लोगों की 18 खोलियां हैं। कम घर और लोगों के होने के बावजूद इमारत फंड में मदद देकर आपने जो स्वार्थ त्याग और साहस दिखाया है वह अपूर्व है। मैं इसके लिए आपका अभिनंदन करता हूं। आप लोगों ने जो काम किया है वह समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है। आपकी देखा-देखी कुछ लोगों से इमारत फंड में मदद देने के आश्वासन मिले हैं।
आखिर चायपान हुआ। फोटो लिया गया। उसके बाद डॉ. बाबासाहेब की जयकार के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
* जनताः 31 मई, 1941