189 13.7.1941 लड़के-लड़कियों को पढ़ाइए परंपरागत कामों में उलझा कर ना रखें - मुंबई - Page 349

328 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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* लड़के-लड़कियों को पढ़ाइएः परंपरागत कामों में उलझाकर न

रखें

रविवार, दिनांक 13 जुलाई, 1941 को दोपहर तीन बजे मुंबई के कावसजी जहांगीर हॉल में म्युनिसिपल कामगार संघ की सालाना सर्वसाधरण सभा हुई। सभा का अध्यक्षस्थान संघ के अध्यक्ष डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने सुशोभित किया था। सभा में करीब दो-ढाई हजार म्युनिसिपल कामगार उपस्थित थे।

पहले संघ के सचिव श्री डी. वी. प्रधान ने पिछले वार्षिक सभा का रिपोर्ट पढ़कर सुनाया। उसे मंजूर करने के बाद संघ की छपी हुई वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी गई। उसका संघ के उपाध्यक्ष श्री इ झीकेल द्वारा समर्थन किए जाने के बाद रिपोर्ट को सर्वानुमति से मंजूर किया गया।

इसके बाद प्रि. एम. वी. दोंदे ने प्रस्ताव रखा जिसमें कहा गया था कि म्युनिसिपल कामगारों के रहने का बेहतर प्रबंध हो इसलिए म्युनिसिपालिटी ज्यादा चॉल बनाए। इस प्रस्ताव का समर्थन श्री मडकेबुवा ने किया तब सर्वानुमति से प्रस्ताव पारित हुआ।

बढ़ती महंगाई के दैर में म्युनिसिपालिटी कामगारों को महंगाई भत्ता दिए जाने के संदर्भ में श्री टी. एस. तासकर ने दूसरा प्रस्ताव रखा। श्री वाडेकर द्वारा समर्थन किए जाने के बाद वह पारित हुआ। उनके अलावा दो अन्य प्रस्ताव भी पारित हुए।

उसके बाद अगले वर्ष के लिए कार्यकारी मंडल चुना गया। आखिर में डॉ. बाबासाहेब बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने अपने भाषण में कहा-

‘‘म्युनिसिपल कामगार संघ की सालाना रपट पढ़ने के बाद आपसे कुछ कहने की मेरी इच्छा ही नहीं थी। संघ की छपी रिपोर्ट से संघ बढि़या ढंग से सचल रहा है इस बारे में सबको यकीन होगा। 1938 और 1940 के संगठन के सदस्यों की संख्या से भी इस बात का अंदाजा हो सकता है। 1938 में संगठन के 2000 सदस्य थे जो 1940 तक आते-आते 5000 तक पहुंचे हैं।

ऐसा नहीं कि म्युनिसिपल कामगार संघ जैसे संघ मुंबई में कम हैं ऐसा नहीं है। श्री निमकर का संघ, टेक्स्टाइल यूनियन आदि। उन संगठनों के साथ अगर अपने संगठन

* जनताः 19 जुलाई, 1941