330 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
हाथ में है। आपके लिए किसी और को कुछ करने की कोई जरूरत नहीं है। अपना भला करने की सामर्थ्य आपमें हैं। इस बात का जब आपको अहसास होगा तक सब बातें ठीक से चलने लगेंगी। इसके लिए आपको आपस में एका रखना होगा। सुना है कि चेंबर कचरापट्टी में कुछ झमेला हुआ है। वहां अन्य लोग आप में फूट डालने की कोशिश करते हैं। उनकी कपट नीतियों के भुलावे में आने वालों को धोखे के अलावा कुछ हासिल नहीं होगा। एकता के बल पर आप जो चाहे कर सकते हैं मुंबई के ड्रेनेज विभाग के लोग अगर हड़ताल कर दें और चेंबूर के लोग उनका साथ दें तो म्युनिसिपल कमिश्नर घुटनों के बल आपके सामने आ जाएगा। अपनी इसी सामर्थ्य के बल पर तीन महीनों तक चले हिंदू - मुसलमानों के दंगों ने जितना नुकसान किया उससे अधिक नुकसान आपकी हफते भर की हड़ताल कर सकती है। लेकिन इसके लिए आपकी आपस में एकता होना जरूरी है।
म्युनिसिपल संगठन के चार आने के चंदे के लिए कुछ लोगों के यहां इस बार जाना पड़ता है। यह बड़ी शरम की बात है। तनख्वाह के दिन पान, बीड़ी, सिनेमा आदि के लिए आपके पास पैसा होता है लेकिन संगठन के चंदे के लिए 4 आने निकल नहीं सकते? मैं आपको कड़ी चेतावनी देता हूं कि जो औरों से जा मिलेंगे और आपमें फुट डालेंगे उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाएगा जैसा कि पुराने समय में लोग करते थे। अगर कोई जाति का गुनाह करता तो उसे बहिष्कृत किया जाता था। उसी तरह की सजा इस मामले में देने के लिए भी मैं कर सकता हूं। यह बात आप गाठ बांधकर रख लें। आपमें एका हो तो अपनी असुविधाएं दूर करने के लिए आपको किसी और से याचना करने की जरूरत नहीं। चैंबर कचरापट्टी में अब तक काम बढि़या ढंग से चल रहा था। वहां के लोगों में बढि़या एकता थी। लेकिन वहां के अधिकारियों ने कुछ लोगों को पैसों का लालच देकर वहां के लोगों के बीच फूट डालने की कोशिश की है। हम उस पर नियंत्रण पाने की कोशिश करेंगे ही लेकिन कुछ लोग आप के बीच जिले के भेद डालने की कोशिश में लगे हैं उसके बारे में मैं आपको बताना चाहता हूं। ऐसा नहीं कि यह केवल म्युनिसिपालिटी के कामगारों तक ही सीमित है, यह सभी अस्पृश्य माने गए लोगों के लिए है।
कुछ साल पहले तक हमारे समाज को राजनीति में कोई स्थान नहीं था। लेकिन अब हमारा पक्ष काँग्रेस और मुस्लिम लीग जैसी राजनीतिक पार्टियों की बराबरी की हैसियत रखता है। उन्हें जितना महत्व मिलता है उतना ही महत्व हमारी पार्टी का भी है। यह किस बात का परिणाम है? तो, यह हमारी एकजुटता का असर है। साथ ही मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि म्युनिसिपालिटी में ऐसा भेदभाव नहीं होना चाहिए। म्युनिसिपल अधिकारियों को म्युनिसिपल कामगार संगठन से परहेज है। वे इस संगठन को नहीं चाहते। इस संगठन के कारण वे पैसा नहीं खा सकते, भ्रष्टाचार नहीं कर सकते।