332 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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* अंग्रेज सरकार ने हमारे लिए क्या किया?
पिछले वर्ष दिसम्बर में हरेगांव में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की अध्यक्षता में हुई मुंबई इलाका वतनदार महार, मांग, वेठिया परिषद के प्रस्ताव के अनुसार डॉक्टर साहब ने मुंबई के गवर्नर को एक विस्तृत खत भेज कर विनती की थी कि सरकार द्वारा अस्पृश्य वर्ग पर लादी गई अन्यायकारी अतिरिक्त पूला अदा करने की नीति में बदलाव करें। लेकिन सरकार ने अब तक.... अपनी नीति नहीं बदली है और सिन्नर तहसील के कुछ वतनदारों पर मुकदमें भी दायर कर दिए हैं। इस बात को लेकर अस्पृश्य समाज में तीव्र असंतोष फैला है। हरेगाव परिषद में लिए गए निर्णय के अनुसार सरकार की अन्यायपूर्ण नीति के बारे में अंतिम रूप से सोच-विचार करने के लिए सिन्नर जिला नासिक में 16 अगस्त, 1941 को डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की अध्यक्षता में वतनदार महार, मांग और वेठियाओं की बड़ी सभा हुई थी।
सभा में करीब 15000 लोग उपस्थित थे। नासिक जिले के और नगर जिले के पश्चिम हिस्से के सभी वतनदार सभा में उपस्थित थे। कई कार्यकर्त्ता उपस्थित थे। साथ ही विधायक दादादासाहब बनाम भाऊराव गायकवाड़, नासिक, विधायक भोले, पुणे_ विधायक डी. जी. जाधव, जलगाव, विधायक पी. जी. रोहम, अहमदनगर, विधायक बी. एच. वराले, बेलगांव, विधायक जे. एस. ऐदाले, सोलापुर, विधायक भाई चित्रे, रत्नागिरी, बाम्बे सेंटिनल के उपसंपादक मि. इझिकेल, श्री वि. ना. बर्वे आदि प्रमुख लोग उपस्थित थे। बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे इसलिए लाऊड स्पीकर्स की व्यवस्था की गई थी। जुलूस के बाद डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर सभा के मंच पर अध्यक्ष स्थान पर विराजमान हुए। शाम 5.30 बजे सभा के कामकाज की शुरूआत हुई। शुरू में शारीर रत्न श्री धेगड़े को पोवाडे गए। उनके बाद सातारा के विधायक के. एस. सावंत और विजापुर के विधायक आर. एस. काले ने सभा में लिए जाने वाले निर्णय का समर्थन करने वाले तार भेजे थे जिन्हें पढ़ कर सुनाया गया। साथ ही नासिक जिले के लोगों द्वारा सिन्नर की सभा में लिए जाने वाले निर्णय सभी तरह से समर्थन करने का निश्चय किया है इस बात की घोषणा शाहीर रत्न के अ. धेगड़े ने की। उसके बाद तालियों की गड़गड़ाहाट और जयध्वनि के बीच डॉ. बाबासाहेब बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने अपने भाषण में कहा-
* जनताः 23 अगस्त, 1941