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करते हैं, कांग्रेस के बाल-बच्चे बनकर हमारी राह में कांटे बोते हैं उन्हें हम अपना कैसे मानें। और वे भी क्यों हमसे याचना करें ? आजकल चमार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव में उतर कर हर जगह हमारे उम्मीदवारों काखुलेआम विरोध करते हैं। आपके जिले में रा. रोहम के विरोध में सोनवणे नाम से कोई चुनाव में उतरे हैं। कुछ स्पृस्य लोगों का कहना है कि सोनवणे बीए एलएलबी तक पढ़ा है और रा. रोहम केवल मैट्रिक पास हैं। लेकिन ऐसे लाखों बीए लोगों से बढ़कर मैं रा. रोहम के साथखड़ा हूं, (तालियों की गड़गड़ाहट और डॉ. बाबासाहेब के नाम की जयकार ध्वनि) श्री सोनवणे किसी पार्टी की ओर से चुनाव में नहीं उतरे हैं, सो अगर वे आपके लिए कुछ भी ना करें तो आप किसे जिम्मेदार ठहराएंगे ? रा. रोहम मेरे स्वतंत्र लेबर पार्टी की ओर सेखड़े हैं। उनके काम के लिए मैं जिम्मेदार हूं। (तालियां) इसीलिए मेरा आपसे यही कहना है कि आप अपने वोट के तीनों निशान श्री रोहम के घोड़े के आगे लगाइए। (लोग चि८ाते हैं - हां बाबासाहेब) श्री सोनवणे को एक भी वोट ना दें (लोग कहते हैं - नहीं नहीं बिल्कुल नहीं)।
इस देश में पढ़े-लिखे और अमीर लोगों के जिस प्रकार कई पक्ष हैं उसी प्रकार मेरा भी एक छोटा स्वतंत्र लेबर पार्टी है। इस जैसे जो अन्य पक्ष हैं उनमें और मुझमें जमीन-आसमान का फर्क है। कुछ ऐसे भी पक्ष हैं जिनमें और मुझमें बहुत कम भेद है। कांग्रेस में और मेरे पक्ष में फर्क यह है कि कांग्रेस ने अमीर उम्मीदवारों को उतारा है। मैंने अपने पक्ष के जरिए गरीब उम्मीदवारों को उतारा है। सिद्धांत के साथ समझौता ना करना पड़े इसलिए अपने पक्ष से मैंने अपने समाज के अमीर उम्मीदवारों को नहीं उतारा। इसलिए वे लोग मुझसेखफा हैं। लेकिन सिद्धांतों से समझौता करने के बजाय मुझे उनकी नाराजगी झेलना ठीक लगता है। कांग्रेस अपने आपको गरीबों का तारनहार कहलाती है और चुनाव में फिरोदिया जैसे अमीर को उतारती है। लेकिन आप ही जरा सोचिए, जो मारवाड़ी जाली दस्तावेज बना कर और उनके अंगूठे के निशान लगाकर आपकी जमीनें, घर-द्वार पर कुर्की ले आता है क्या आपको लगता है कि वे मारवाड़ी गरीब, किसान मजदूरों आदि का कल्याण करेगी ऐसा अगर आपको लगता है ? (लोगों की आवाज नहीं, नहीं)। कांग्रेस अपना पूंजीपतित्व टिकाए रखना चाहती है। आपका इसमें नुकसान है। इसलिए आप उनके किसी बहकावे में ना आएं। अपने खिलाफ जो पार्टियांखड़ी हैं उनके बारे में सोचिए और मैं आपसे विनीती करता हूं कि आप स्वतंत्र लेबर पार्टी के उम्मीदवार श्री रोहम को ही अपने सभी मत दें। चलते-चलते अहमदनगर के स्काऊट मंडल का अभिनंदन करने से मैं अपने आप को रोक नहीं पा रहा हूं। शूरता का अपने अंदर संचार हो इसलिए स्काऊट एक साधन है। इसलिए हर गांव के लोगों को अपने 11 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए स्काऊट की बर्दी बनवानी चाहिए। अब धोती छोड़ दें। इन धोतियों ने हमारा बहुत नुकसान किया है। आज यहां सैंकड़ों