99 25.1.1937 जाली दस्तावेज बनाने वाले क्या गरीबों, खेतीहरों, मजदूरों का कल्याण करेंगे? - अहमदनगर - Page 39

18 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

स्काऊटों को देख कर मुझे बहुतखुशी महसूस हो रही है। एक बार फिर स्काऊट मंडल का अभिनंदन कर उन्होंने अपना वक्तव्य पूरा किया। उसके तुरंत साथ-साथ तालियों की गड़गड़ाहट, उनके नाम की जय ध्वनि, बैंड, रणसिंघा आदि बाजों से सभास्थली गूंज उठी। उन्होंने अहमदनगर कैंप फर्स्ट लाइन स्काऊट ट्रूप, रायी का फार्म, बलभीम स्काऊट, प्रगति मातंग मंडल, मोलीवाड़ा स्काऊट, दरवाडी स्काऊट, बाकोडी स्काऊट, सदर कैप स्काऊट आदि स्काऊटों को उनकी सफलता की कामना करते हुए लिख कर अपनी राय दी। उसके बाद प्रभाकर जनार्दन रोहम ने नगर जिले में आने के लिए डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को धन्यवाद दिया। तब डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने कहा कि उपस्थित सभी लोगों ने और मतदाताओं ने मेरे प्रति जो आदर, निष्ठा और प्रेम व्यक्त किया है उसके लिए मैं समूचे समाज के प्रति ऋणी हूं। आपके नगर जिले द्वारा इलेक्शन के मामले में जो उत्साह दिखाया वह प्रशंसा के योग्य है। उसके बाद डॉ. बाबासाहेब के हाथों फर्स्ट लायन स्काऊट के (पूर्व) कैप्टन ल. वा. वनसोडे, बलभीम स्काऊट के कैप्टन श्रीपतराव गायकवाड, दरेवाडी स्काऊट के कैप्टन कुंडलिक भिंगारदिवे, बाकोडी स्काऊट के कैप्टन किसनराव, मातंग प्रगति मंडल स्काऊट के कैप्टन किसनराव पारधे को तथा व्यायाम मंडल के उस्ताद यहावंत श्रावण पाटोले, राहुरी के बैंड मास्टर नामदेव सालवे को रौप्या पदक अर्पण किया गया। आखिर में सभी संस्थाओं की ओर से बाबासाहेब के फूलमालाएं अर्पण की गइंर्। बाबासाहेब की जयकार के साथ यह सभा बर्खास्त हुई।