386 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
इसके बाद श्री प्यारेलाल कुठील तलीब एम.एल.ए. (सेंट्रल एसेंबली) का भाषण हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘अभी डॉ. बाबासाहेब ने अपने भाषण में जो कहा उसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। आगामी अधिवेशन से पूर्व मैं अपने संयुक्त प्रांत में दस हजार से अधिक सैनिकों को तैयार करूंगा।’’ श्री पी. एन. राजभोज और अन्य वक्ताओं के भाषण् ों के बाद इस परिषद में निम्नांकित प्रस्ताव पारित किए गए-
प्रस्ताव 1ः देश के विभिन्न हिस्सों में उपस्थित, अस्पृश्य वर्ग के सभी स्वयंसेवी संगठनों को एकजुट करने के बारे में तथा उससे समता सैनिक दल में शामिल होने की विनती करना।
प्रस्ताव 2ः अखिल भारतीय दलित वर्ग फेडरेशन के विभिन्न घटकों को अपने इलाके में समता दल की सामर्थ्य बढ़ाने के लिए स्वयंसेवी समूह स्थापन कर उनका संगठन बनाने के बारे में संगठन की पक्की राय की यह परिषद घोषणा करती है।
प्रस्ताव 3ः परिषद की विनती है कि अखिल भारतीय दलित फेडरेशन के सभी घटक अपने स्वयं सेवकों को जरूरी प्रशिक्षण देने के लिए शिक्षा केन्द्र और छावनियां खोलें।
प्रस्ताव 4ः परिषद की पक्की राय है कि भारत सुरक्षा कानून के तहत स्वयंसेवी संस्थ ाओं पर लादे गए निर्बंधन अनिष्ट और असमर्थनीय है। ‘समता सैनिक दल’ जैसी फैसिस्ट विरोधक स्वयंसेवी संगठन के विकास पर इस निर्बांध के कारण बेवजह रोक लगती है। इसलिए परिषद की मांग है कि इन निर्बंधों को तुरंत असर के साथ रद्द कर किया जाए।
प्रस्ताव 5ः हाल ही में हुए अखिल भारतीय दलित फेडरेशन के अधिवेशन में जो प्रसताव पारित किए गए उन सभी प्रस्तावों को इस परिषद का समर्थन है।
प्रस्ताव 6ः (क) दल का संविधान बनाने के लिए यह परिषद आगे गिनाए जा रहे लोगों की एक समिति का गठन करती है-(1) श्री बी. के. गायकवाउ़ (अध्यक्ष), सदस्य, (2) श्री एम. एम. ससालेकर, (3) श्री एस. बी. जाधव, (4) श्री आर. आर. पाटील, (5) श्री के. एन. वाल्मिकी, (6) श्री ए. एल. कोसारे, (7) श्री पी. एल. ललिंगकर
(ख) वर्किंग कमेटी आगामी वर्ष के लिए (1944-45) आगे दिए गए व्यक्तियों को नियुक्ति करती है-(1) श्री बी. के. गायकवाड़ (अध्यक्ष, महराष्ट्र) (2) श्री एम. एम. ससालेकर (महासचिव, मुंबई), (3) श्री आर. आर. पाटील (अस्टिंट सेक्रेटरी, मध्य प्रांत), सदस्य, (4) श्री के. एम. वाल्मिकी (संयुक्त प्रांत), (5) श्री ए. एल. कोसारे (मध्यप्रांत), (6) श्री पी. परमार (गुजरात), (7) श्री एस. बी. जाधव (मुंबई), जिन प्रांतों को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है उन्हें प्रतिनिधित्व देने के लिए जरूरी सदस्यों की नियुक्ति करने का अधिकार इस परिषद द्वारा वर्किंग कमेटी को दिए जा रहे हैं। उपर्युक्त प्रस्ताव पर विभिन्न प्रांतों के प्रतिनिधियों के भाषण होने के बाद दोपहर दो बजे परिषद का अधिवेशन समापत होने की अध्यक्ष द्वारा घोषणा की गई।