100 25.1.1937 सावधानी बरतें, बहकावे में ना आएं - जलगांव - Page 41

20 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

नहीं, वे उनकी मदद क्यों कर रहे हैं। हां, एक कारण हो सकता है कि मेढे स्कूल बोर्ड का सदस्य है। अन्य अध्यापक सोचते होंगे कि ये पार्टी छोड़कर वह उनका तबादला करेगा। ऐसे मास्टरों से मैं यह कहना चाहता हूं कि मेढे हमेशा के लिए इस गद्दी पर बैठनेवाला नहीं है। वह इस साल है, हो सकता है अगले साल न हो। मान लीजिए, अगली बार श्री जाधव स्कूल बोर्ड का चुनाव जीत जाएं तब मास्टर लोग किसका मुंह ताकेंगे? मैं आपसे बस यह कहना चाहता हूं कि मैंने अपना कर्त्तव्य पूरी तरह निभाया है। अब आपकी, अपना कर्त्तव्य निभाने की बारी है। बिना किसी की बातों में आए आपको पूरी सावधानी से बरतना होगा।

श्री जाधव के पास न तो मोटर-गाडियां हैं और न ही पैसा है। आपको घर से अपनी रोटी बांध कर ही स्टेशन जाना होगा। इस देश में वोट देना यानी उम्मीदवार पर उपकार करना माना जाने लगा है, लेकिन यह वास्तविकता नहीं है। उम्मीदवार अगर जा रहा है तो हमें सोचना होगा कि वह किसके लिए जा रहा है? उम्मीदवार आपकी शिकायतों बताने और उनके निवारणार्थ कानून बनाने के लिए जाता है। अपने को जो भी कुछ पाना है वह कानूनन मिलना है इस बात को ध्यान में रखते हुए आप श्री जाधव को ही अपना वोट देकर चुनाव में जिता दें। इस भाषण के बाद सब लोगों ने भी जाधव को ही अपना वोट देने की सार्वजनिक घोषणा की।