213 26.9.1944 ब्राह्मणों के जातिभेद के बीज के कारण गैर-ब्राह्मण मानवी सद्गुणों से वंचित रहे - कोकीनाड़ा - Page 436

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* ब्राह्मणों के जातिभेद के विष के कारण अब्राह्मण मानवी

सदगुणों से वंचित रहे

कोकीनाड़ा की शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन, रघुपेटे डिप्रेस्ड कलासेस एसोसिएशन, वलंदरपेटा आदि आंध्र एसोसिएशन तथा प्रबोधन साहित्य समिति, इन संस्थाओं की ओर से दिनांक 26 सितंबर, 1944 को वी. आर. कॉलेज के हॉल में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर को मानपत्र दिए गए। उन्हें जबाब में भाषण देते हुए डॉ. बाबासाहेब ने कहा,

भाइयों और बहनों,

किसी देश के समाज में कोई वर्ग या कोई जाति प्रभुत्व कैसे पाती है? इसलिए कि उस वर्ग के या उस जाति के हाथ में सत्ता होती है। फिर वह सत्ता चाहे आर्थिक हो, धार्मिक हो, राजनितिक हो या किसी अन्य तरह की हो। पांच-छह हजार वर्ष पहले ब्राह्मणों ने यह पहचाना। इसीलिए वे सोचने लगे कि उनकी जाति कैसे पूरे हिंदु समाज पर प्रभुत्व स्थापित करे। इसलिए उन्होंने वेदों में चातुर्वर्व्य की व्यवस्था की। समाज का प्रमुख, मंदिरों का प्रमुख, गांव का प्रमुख ब्राह्मण ही हो, ऐसी व्यवस्था स्थापित की। सभी जातियों की औरतों से ब्राह्मण शादी कर सके, राजा ब्राह्मणों को ही अपना प्रमुख मंत्री, पुरोहित, सेनाध्यक्ष बनाए, इस प्रकार के नियम मनु तथा अन्य धर्म-शास्स्त्रों ने अपने स्मृतिग्रंथों में बना कर उन्हें हिंदु समाज द्वारा माना जाना अनिवार्य बनाया। ब्राह्मणों का श्रेष्त्वखत्म करने के लिए ब्राह्मणेतरों ने वैदिक युग में और बाद में कुछ सात बार बड़े झगड़े किए। मुठ्ठीभर ब्राह्मण और लाखों अब्राह्मणों के इन झगड़ों में अब्राह्मणों की हार हुई क्योंकि अस्त्राज्ञों ब्राह्मण लोग ब्राह्मणों के जातिभेद के विष के कारण मानवी सदगुणों से वंचित हो गए थे। सो, अगर अस्पृश्य वर्ग को सामर्थ्यशाली बनना हो तो उनके हाथ में राजनितिक और आर्थिक सत्ता आना जरूरी था। राजनीतिक सत्ता हासिल करने का मौका फिलहाल अस्पृश्यों को प्राप्त है। पिछले हजारों सालों में उन्हें कभी ऐसा मौका नहीं मिला था। इस मौके का फायदा उठाना हो तो उन्हें आपसी मतभेदों को त्यागना होगा। उन्हें शेडयूल्ड कास्ट्स फेडरेशन में शामिल होना होगा। आप अगर राजनीतिक सत्ता प्राप्त कर लेंगे तो आर्थिक सामाजिक और सांस्कृतिक सत्ता पाने की राहें आपके सामनेखुलती जाएंगी।

* डॉ. भी. रा. अम्बेडकर चरित्रः ले. चां. भ. खैरमोड़े खंड 9, पृष्ठ 393-94