416 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
हालांकि इन राहों में एक बड़ी मानसिक अड़चन है। गांधी और काँग्रेस ने मिल कर हरिजन सेवक संघ की ओर से अस्पृश्यों के छोटे-बड़े छात्रों के साथ-साथ अन्यों को भी आर्थिक मदद देने का काम चलाया है। इसके पीछे उनका कोई पवित्र उद्देश्य नहीं बल्कि दुष् मंशा है। वे जानते हैं कि ये लोग हमारे पैसे लेंगे तो हमारे उपकारों तले दब जाएंगे। हमारी तरफ होंगे और काँग्रेस के आंदोलन को सफलता दिलाएंगे। महाभारत में पांडवों का पक्ष न्याय और कौरवों का अन्याय था। यह जानते हुए भी कौरवों का नमक
खाने के कारण भीष्म, द्रोण आदि ने कौरवों का साथ दिया और आखिर उनका सत्यानाश हुआ। इसी मैं अपने युवा छात्रों को संकट की सूचना देता हूँ कि इस जाल में न फंसें। आप अगर मेरी इस चेतावनी को जांचना चाहें तो हरिजन सेवक संघ के या कांग्रेस के हिंदू या गांधी से सामाजिक समता की मांग कर देखिए। मैं पक्का बता सकता हूं कि वे आपको गुस्सा कर चुप करा देंगे।