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* सत्ता किसी की भी हो, दलितों के दमन की ही कोशिश होगी
4 जनवरी, 1945 के दिन कोलकाता में शेडयूल्ड कास्टस् फेडरेशन के मुखपत्र के रूप में शुरू हुए ‘पीपल्स हेराल्ड’ इस नई अंग्रेजी साप्ताहिक पत्रिका का प्रकाशन डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के हाथों हुआ। इस अवसर उन्होंने एक महत्वपूर्ण भाषण दिया। अपने भाषण में उन्होंने कहा, काँग्रेस की राजनीति का इतना अधःपतन हुआ है कि गांधीजी के बाद काँग्रेस के कई टुकड़े होते हुए हम देखेंगे। राजनीतिक और नैतिक नजरिए से हमारे अस्पृश्य समाज का पक्ष ही इस देश का हमेशा रहने वाला पक्ष रहेगा।
हमारी पार्टी के बारे में विरोधकों की ओर से जानबूझकर कई गलतफहमियां फैलाई जाती हैं। केवल कुछेक नौकरियों के लिए और दो टुकड़े रोटी के लिए हमारी लड़ाई चल रही है यह हम पर किया जाने वाला आरोप मूर्खता का है। उनमें कोई दम नहीं। असल में, हमारे देश में स्वत्रता, समानता और बंधुत्व इन सिद्धांतों की स्थापना के लिए अस्पृश्य समाज का पक्ष ही असली जंग लड़ रहा है। और इस मामले में हमारे पक्ष के सिद्धांत केवल अस्पृश्य समाज के ही मसले हल करना नहीं है, बल्कि हमारा पक्ष कब का ऊपर बताए सिद्धातों से जाकर जुड़ा है।
काँग्रेस राजनीति में हमें इन बातों का पूरा अभाव दिखाई देता है। देश की आजादी का दावा काँग्रेस करती है लेकिन उसका यह दावा केवल ढोंग है।खालिस आजादी या समता के लिए काँग्रेस कभी नहीं लड़ेगी। काँग्रेस की आजादी में हम अपनी आजादी की उम्मीद नहीं पाल सकते। सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक समता कभी नहीं होगी। हमारे साथ बंधुभाव का बर्ताव नहीं होगा। इसीलिए काँग्रेस की इस आजादी की लड़ाई के व्यापक आंदोलन में हिस्सा लेने के बजाय, हजारों साल गुलामी में कैद मेरे अस्पृश्य समाज के उद्धार के लिए मैंने अपना जीवन समर्पित किया है। देश की आजादी से अधिक अस्पृश्योद्धार ही जीवन में मेरे दिल के करीब रहनेवाला मसला है। हिंदुस्तान में अस्पृश्योद्धार से उदात्त और श्रेष् कोई दूसरा कार्य होगा ऐसा मुझे नहीं लगता। मैं जिस समाज में पैदा हुआ हूं उस समाज की बेहतरी के लिए काम करना मेरा कर्तव्य है। पहले मैं अपने समाज का ऋण चुकाना चाहता हूं। इसके बाद देश का। मेरा यह जीवित कार्य उदात्त है और इस बारे में मुझे कोई शक नहीं। देश के लाखों-करोड़ों दीन, दुखियारे और दमित होगों काखून चूस कर उनकी मेहनत पर मजे करने का हिन्दु लोगों का षड्यंत्र
* जनताः 17 जनवरी, 1945